Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

Holi Tips : बच्चों की होली को बनाना है मस्ती से भरा, तो अपनाएं ये टिप्स

अधिकतर बच्चों को साल भर होली का इंतजार रहता है। दरअसल, इसमें उन्हें मस्ती करने का भरपूर मौका मिलता है। लेकिन वह होली सही और सुरक्षित ढंग से खेलें, इसके लिए आपको ही प्रयास करना होगा।

Holi Tips : बच्चों की होली को बनाना है मस्ती से भरा, तो अपनाएं ये टिप्स
Holi 2019 : बच्चे वही सीखते-समझते हैं, जो अपने आस-पास के माहौल में देखते और सुनते हैं। इसी वजह से कई बार अंजाने या नासमझी में कुछ बच्चे बहुत सी गलत हरकतें भी कर देते हैं। मौका हो जब होली का तो उनको लगता है कि दूसरों को सताना, मिट्टी से होली खेलना, शैतानी करना और शोरगुल मचाना गलत नहीं है। ऐसे में पैरेंट्स और घर के बड़े सदस्यों का कर्त्तव्य है कि उन्हें इस त्योहार को मनाने का सही और शिष्ट तरीका सिखाते हुए इसके पौराणिक महत्व के बारे में भी बताएं।

शिष्ट-शालीन तरीका

पैरेंट्स, बच्चों को बताएं कि होली जोर-जबरदस्ती या किसी को सताने का त्योहार नहीं है बल्कि, सभी त्योहारों को इसलिए मनाया जाता है, ताकि हम
एक-दूसरे से प्रेम-भाव बढ़ा सकें, एक-दूसरे से मिलकर हंसी-मजाक कर सकें। त्योहार, एक-दूसरे से दोस्ती बढ़ाने का एक जरिया है न कि दूसरों को तकलीफ देने का। इसलिए रंग किसी को तभी लगाना चाहिए, जब वो खुशी-खुशी इसके लिए तैयार हो। साथ ही बच्चों को यह भी सिखाएं कि इस अवसर पर उम्र में खुद से बड़ों का सम्मान करें, उनके पैर छू कर आशीष लें और शिष्टतापूर्वक गुलाल का टीका लगा कर होली मनाएं।

पौराणिक महत्व बताएं

घर के बड़े-बुर्जुग, बच्चों को त्योहारों के इतिहास और उससे जुड़ी पौराणिक कथा के बारे में भी बताएं, ताकि बच्चों को पता चले कि हम क्यों कोई त्योहार मनाते हैं? होली से जुड़ी, नन्हे भक्त प्रह्लाद की कथा जरूर सुनाएं और बताएं कि कैसे शक्तिशाली हिरण्यकश्यप के अत्याचार के बावजूद अंत में जीत नन्हे-मासूम प्रह्लाद की हुई, क्योंकि उसने भक्ति, विश्वास, दया और सत्य का रास्ता चुना था। इससे बच्चे को अच्छी सीख मिलेगी।

खेलने दें होली

कुछ पैरेंट्स ओवर प्रोटेक्टिव होते हैं और बच्चों को होली पर रंगों से खेलने नहीं देते। ऐसा करना गलत है, बच्चों को अपनी परंपराओं और तीज-त्योहारों से जोड़े रखना जरूरी है। उन्हें रोकने के बजाय सेफ होली खेलने के लिए कहें। पैरेंट्स, खुद बच्चों को हर्बल अबीर-गुलाल, रंग लाकर दें या फिर उन्हें फूलों से भी होली खेलने के लिए प्रेरित करें। इनसे स्किन या अन्य किसी तरह का कोई शारीरिक नुकसान नहीं होगा।

खेलते समय रहें सावधान

होली पर बहुत से बच्चे रंग या पानी भरकर गुब्बारे एक-दूसरे पर मारते हैं। बच्चों को इस बारे में पहले ही प्यार से समझाएं कि कभी भी जान-पहचान या अंजान लोगों पर गुब्बारे फेंक कर ना मारें, इससे गंभीर चोट लग सकती है। साथ ही उन्हें ना गुब्बारे खरीदने दें और ना स्वयं उन्हें लाकर दें। बच्चों को इस बात की भी हिदायत दंल कि रंग खेलते समय ज्यादा भाग-दौड़ ना करें, इससे भी गिरने और चोट लगने की आशंका होती है।
कई बार बच्चे एक-दूसरे पर रंग डालते समय ध्यान नहीं रखते हैं, जिससे बच्चों के मुंह या आंखों में रंग चले जाने का डर रहता है, साथ ही कई बार वो
पानी भी ज्यादा वेस्ट करते हैं। इससे बचने के लिए आपको ध्यान रखना चाहिए कि जब बच्चे होली खेल रहे हों तो उनके साथ कोई ना कोई बड़ा जरूर हो।
Next Story
Share it
Top