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सावधान ! बच्चों की हैप्पी होली हो सकती है बेड, ध्यान रखें ये 5 बात

ज्यादातर बच्चों का फेवरेट फेस्टिवल होली होता है। उन्हें अपने दोस्तों के साथ रंग खेलने और मस्ती करने में खूब मजा आता है। लेकिन इस दौरान उन्हें किसी तरह की चोट ना लग जाए या फिर वे बीमार ना हों, इसके लिए पैरेंट्स को ही उनका ध्यान रखना होगा।

सावधान ! बच्चों की हैप्पी होली हो सकती है बेड, ध्यान रखें ये 5 बात

Holi 2019 : होली का त्योहार, बच्चे ही सबसे ज्यादा एंज्वॉय करते हैं। एक-दूसरे को रंगने और धमा-चौकड़ी मचाने की तो जैसे उनमें होड़ लगी रहती है। लेकिन कई बार ध्यान ना देने पर बच्चों को चोट लग जाती है या किसी तरह की हेल्थ प्रॉब्लम हो जाती है। आपके बच्चे के साथ ऐसा न हो, इसके लिए आपको रहना होगा अलर्ट।

रखें इनका ध्यान

- बच्चों को सिंथेटिक या केमिकल वाले रंगों के बजाय हर्बल कलर्स से होली खेलने के लिए कहें। इन रंगों को उतारने में न तो ज्यादा मशक्कत करनी पड़ती है, न ही इनसे उनकी नाजुक स्किन पर एलर्जी या कोई दूसरी स्वास्थ्य समस्या होती है। हल्दी, चंदन, मेहंदी, पालक, चुकंदर या फिर तरह-तरह के फूलों से घर पर ही आप आसानी से एक-दो दिन पहले रंग बना सकती हैं।
-हार्मफुल कलर्स से बचाव के लिए बच्चों को फुल स्लीव और फुल लेंथ के गहरे कलर की ड्रेस पहनाएं इससे भीगने के बाद ये स्किन से चिपकेंगे नहीं, साथ ही शरीर का कम से कम भाग रंगों से प्रभावित होगा। चप्पल के बजाय जूते पहनाएं ताकि फिसलने या गिरने का भय न रहे।
-होली खेलने से करीब 15 मिनट पहले उनके शरीर पर खासतौर पर हाथ-पैर, चेहरे, आंखों के आस-पास ऑलिव ऑयल, नारियल या सरसों का तेल लगाएं। चाहें तो मॉयश्चराइजर, लोशन या कोल्ड क्रीम भी लगा सकती हैं।
-रंगों से बच्चे के बालों को रूखे होने से बचाने और चमक बनाए रखने के लिए ऑयलिंग जरूर करें। संभव हो तो कैप पहनाएं या दुपट्टा बांधें।
-होली खेलने से पहले बच्चों के नाखून जरूर काट लें ताकि खेलते हुए दूसरे को चोट न पहुंचे और नाखूनों में गंदगी भी ना जमे।
-बच्चों को आंखों में कॉन्टेक्ट लेंस लगाने या चश्मा पहनने के लिए मना करें क्योंकि आंख में रंग जाने पर लेंस डैमेज हो सकते हैं।
-ध्यान रखें कि बच्चे बैलून या पॉलिथीन का उपयोग ना करें। इससे चोट लगने का खतरा होता है।
-बच्चों को सिखाएं कि रंग आंख, कान या मुंह में न लगाएं और अगर कोई दूसरा उन्हें रंग लगा रहा है तो अपनी आंख, मुंह बंद रखें। बच्चे रंग लगे हाथों से कुछ भी चीज न खाएं। ऐसा करने से रंग मुंह में जा सकता है और उनमें मौजूद हानिकारक केमिकल्स से उल्टी या पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
सावधानी बरतने पर भी अगर रंग आंख में चला जाए तो आंखों को ठंडे पानी से जलन शांत होने तक छींटे मारें। आखों में गुलाब जल या आई ड्रॉप्स डालें, आराम मिलेगा।
-जितनी जल्दी हो सके, बच्चों के शरीर पर लगे रंगों को छुड़ा दें। नहाने के बाद अगर बच्चे की स्किन ड्राय हो गई हो तो अच्छे से मॉयश्चराइजर जरूर लगाएं।
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