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लाइलाज रोगों में लाभदायक है पियानो

पियानों की सुरीली आवाज गंभीर बीमािरयों में भ्ाी लाभदायक है, इसके संगीत में ऐसा जादू है कि इसको सुनकर रोगी का दर्द तक दूर हो जाता है। डॉक्टर भी पियानो से निकलने वाली सुरीली आवाज के असर को मानते हैं और कई डॉक्टर तो ऐसे हैं जो रोगी का ऑपरेशन ही पियानों को सुनते हुए करते हैं, क्योंकि पियानों का संगीत सीधे व्यक्ति की अंतर्रात्मा तक पहुंचता है, जिससे रोगी जल्द स्वस्थ हो जाते हैं।

मौसम में बदलाव के चलते बढ़ रही बीमारियांस्वास्थ्य (फाइल फोटो)

पियानों की सुरीली आवाज गंभीर बीमािरयों में भ्ाी लाभदायक है, इसके संगीत में ऐसा जादू है कि इसको सुनकर रोगी का दर्द तक दूर हो जाता है। डॉक्टर भी पियानो से निकलने वाली सुरीली आवाज के असर को मानते हैं और कई डॉक्टर तो ऐसे हैं जो रोगी का ऑपरेशन ही पियानों को सुनते हुए करते हैं, क्योंकि पियानों का संगीत सीधे व्यक्ति की अंतर्रात्मा तक पहुंचता है, जिससे रोगी जल्द स्वस्थ हो जाते हैं। यह कहना है मशहूर पियानो वादक ब्रायन सिलास का। जो रवींद्र भवन में पियानों वादन कार्यक्रम में आए थे और राधानी के होटल नूर अस सवाह में हरिभूमि से बात करते हुए उन्होंने अपने फर्श से अर्श तक की लाइफ जर्नी को शेयर किया।


जो सुनता हूं बिना सीखे बजा देता हूं

उन्होंने अपनी लाइफ के शुरूआती दिनों के विषय में बताते हुए कहा कि मेरे जुनून ने मुझको पियानों का ऐसा वादक बना दिया है कि मैं जो भी सुनता हूं, वह पियानों पर बजा देता हूं। कुछ पियानों वादकों ने मेरे जुनून को देखकर मेरा मार्गदर्शन जरूर किया। यह ऊपर वाले का गिफ्ट है कि मैं बिना सीखे भी जब कहीं जाता हूं तब मेरे हाथ और पियानो के बीच मेरा साथ ऊपर वाला देता है और मैं जो सुनता हूं उसे पियानो पर सुना देता हूं।

किराए पर लिया पियानों

मैं जब छोटा था, तभी से मुझको संगीत का शौक था। पियानों मेरा पसंदीदा था, लिहाजा मैं इसको बचपन से ही बजाने लगा,  बात शुरूआती दिनों की करें तो मेरे पास तो पियानो खरीदने तक के पैसे भी नहीं थे। मेरे मित्र रहे स्टीवन ने मुझे सुनने के बाद पियानो के प्रति मेरा लगाव देखा तो गोल्डन कंपनी से मुझे पियानो किराए पर दिलाया। मैं तो उस पियानो का छह माह तक किराया तक नहीं दे पाया था। जिंदगी उलझन में थी। पर भरोसा था अपने पियानों का, कि एक दिन लोग मुझे सुनेगंे। उस पियानो के मिलने के बाद मैने नौकरी छोड़ दी और फिर कभी मुड़कर नहीं देखा।


मेरा सपना है बड़ी क्लास में बैठकर पियानों सिखाने का

मेरी जिदगीं का एक सपना है कि मैं इस कला को सिखाना चहता हूं। एक क्लास हो और 50पियानो रखे हों। बच्चों से क्लास रूम भरा हो। जिन्हें मैं पियानों की शिक्षा दूं। ताकी इस दुर्लभ वाद्य यंत्र से लोग अनजान न रहें। पियानों महंगा होता है , हर व्यक्ति इसे खरीद नही सकता। इसलिए क्लास में पियानो सीखने के बाद शायद उसे खरीदकर अपनी दुनिया में पियानो का संगीत बिखरा दें।

स्टूडेंट का दुर्लभ रोग हो गया दूर

दिल्ली में पहले मै क्लास में पियानो सिखाने का काम करता था। उस समय मेरे पास चंडीगढ़ से एक लेडी सीखने आया करती थी। जब मैने उनसे पूछा कि इसको सीखने का इतना लगाब क्यों है तब उन्होंने मुझे बताया कि अापको सुनने से मेरी एक बड़ी बीमारी दूर हो चूकी है। मैं जब भी सुनती हूं तो मुझे एक दम ऐसा लगता है जैसे मैं जिंदगीं का आनंद उठा रही हूं।

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