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Coronavirus: किचन में मौजूद मसाले चखने से पता चलेगा आपको कोरोना है या नहीं

Coronavirus: कोरोना की चपेट में आने वाले लोगों का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है (Coronavirus Outbreak)। इसी बीच 38 देशों के 500 साइंटिस्ट ने Questionnaire तैयार किया है। जिसकी मदद से आप किचन में मौजूद मसालों से पता लगा सकते हैं कि आपको कोरोना (Coronavirus) है या फ्लू (Flu)।

Coronavirus: किचन में मौजूद मसाले चखने से पता चल पाएगा आपको कोरोना है या नहीं, साइंटिस्ट ने बनाया Questionnaire
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मसाले चखने से पता चल पाएगा आपको कोरोना है या नहीं (फाइल फोटो)

Coronavirus: दुनिया के ज्यादातर देशों में पैर पसार चुका कोरोना वायरस (Coronavirus) खतरनाक रूप लेता जा रहा है। इसकी चपेट में आने वालों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है (Coronavirus Outbreak)। अब तक लाखों लोग इसका शिकार हो चुके हैं। जिसमें से हजारों लोगों की मौत हो चुकी है (Coronavirus Death)।

वहीं भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 9 हजार को पार कर 9222 पर पहुंच गई है (Coronavirus In India)। इनमें से 7805 मरीज अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। जबकि 1086 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं और 331 लोगों की बीमारी से मौत हो चुकी है। वहीं कोरोना वायरस और फ्लू के लक्षण काफी हद तक एक जैसे होते हैं। जिस कारण लोगों को दोनों में फर्क कर पाना काफी मुश्किल होता है। इसी बीच कई देशों के साइंटिस्ट ने प्रश्नावली (Questionnaire) की है। जिसके जरिए आप किचन में मौजूद मसालों से पता कर सकते हैं कि आपको कोरोना वायरस है या फ्लू। वहीं आपको हम इससे जुड़ी तमाम जानकारी बताने जा रहे हैं।

मसालों को चखकर सवालों के जवाब देने होंगे

साइंटिस्ट द्ववारा तैयार की प्रश्नावली एक तरह का सर्वे है। जिसमें आप किचन में मौजूद मसालों को चखकर सवालों के जवाब देने होंगे। जिसके आधार पर आपको बताया जाएगा कि आपको कोरोना वायरस है या फ्लू।

कौन कौन से मसाले चखने होंगे

आपकी जानकारी के लिए बताना चाहेंगे कि आपको हल्दी, दालचीनी, सौंफ, इलाइची, सरसो, जीरा, लॉन्ग,, काली मिर्च, मुलैठी, जैसे मसालों को सूंघकर या चखकर सवालों के जवाब देने होंगे।जिनके आधार पर रिजल्ट का पता लगेगा।

38 देशों के 500 साइंटिस्ट ने Questionnaire किया तैयार

आपको बता दें कि भारत समेत 38 देशों के 500 साइंटिस्ट ने Questionnaire तैयार किया है। वहीं भारत से सेंट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट ऑर्गेनाइजेशन (CSIO) के डॉ. रितेश कुमार, डॉ. अमोल पी. भोंडेकर और डॉ. रिशमजीत सिंह भी इस ग्रुप में काम कर रहे हैं। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज और आईआईटी दिल्ली के साइंटिस्ट भी इस ग्रुप का हिस्सा हैं।

इस पर स्टडी सबसे पहले दक्षिण कोरिया ने की थी

वहीं आपको बताना चाहेंगे कि इस पर स्टडी सबसे पहले दक्षिण कोरिया ने की थी। जिससे पता लगा था कि कोरोना वायरस के 30% केस में लोगों की सूंघने और स्वाद लेने की क्षमता काफी कम हो गई थी। जिससे सामने आया था कि स्वाद न ले पाना और किसी चीज को न सूंधने की क्षमता कम होना या खत्म होना भी कोरोना वायरस का एक लक्षण है। इसी बीच भारत के साइंटिस्ट ने भी सूंघने की पावर को चेक करने के लिए Questionnaire और App तैयार किया है।

भारत सरकार आरोग्य सेतु के साथ जोड़ा जाएगा

इसके लागू होने के लिए बस एथिकल अप्रूवल का इंतजार है। जिसके बाद इस Questionnaire और App को भारत सरकार आरोग्य सेतु के साथ जोड़ा जाएगा।



Shagufta Khanam

Shagufta Khanam

Jr. Sub Editor


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