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समा के चावल के ये फायदे : फौलाद जैसा हो जाएगा इम्यून सिस्टम

समा के चावल के फायदे की बात करें तो समा के चावल इम्यून सिस्टम, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रोल (Cholesterol), डायबिटीज (Diabetes) तथा मोटापा (Obesity) कम करने के साथ-साथ कैल्शियम की कमी (Calcium Deficiency) को भी पूरा करता है।

समा के चावल के ये फायदे : फौलाद जैसा हो जाएगा इम्यून सिस्टमSama Ke Chawal Ke Fayde Benefits of Sama Rice In Hindi

Sama Ke Chawal Ke Fayde : आपने अक्सर व्रत में लोगों को समा के चावल के पुलाव, खिचड़ी और खीर खाते जरुर देखा होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं, कि छोटे-छोटे दानों वाले ये चावल हमें कई बीमारियों से निजात दिलाने में कारगर होते हैं। समा के चावल को देश में मोरधन, भगर के नाम से भी जाना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं समा के चावल के फायदे (Sama Ke Chawal ke Fayde)...

समा के चावल क्या है

आमतौर पर व्रत में खाए जाने वाले समा के चावल एक तरह की घास के बीज होते हैं। जो खेतों में अपने आप उग आते हैं। इन चावलों को भी सामान्य चावल की ही तरह ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है। ये चावल कोई अनाज नहीं होते हैं, लेकिन फिर भी अनाज की ही तरह पोषण और एनर्जी देते हैं।




समा के चावल के पौष्टिक तत्व

कार्बोहाइड्रेट

विटामिन ए, सी, ई

प्रोटीन

मिनरल्स

फाइबर




समा के चावल के अन्य नाम...

संस्कृत में समा के चावल को श्रामक कहा जाता है।

गुजराती में इसे सामो या मोरियो कहते हैं।

अंग्रेजी में इसे Barnyard Millet या Sama Rice कहते हैं

मराठी में समा के चावल को भगर और वरी के नाम से जाना जाता है।

हिंदी में मोरधन और समा के चावल या व्रत के चावल कहा जाता है।

बंगाली में समा के चावल को श्याम या श्यामा चावल पुकारा जाता है।

इसके अलावा कई जगह समा के चावल को वरई, कोदरी, समवत, सामक चावल भी कहा जाता है।




समा के चावल का उत्पादन

उष्ण कटिबंधीय एशिया, भारत के राजस्थान और अफ्रीका के सूडान में उगाया जाता है।

समा के चावल के फायदे (Benefits Of Sama Rice)




1. व्रत हमेशा ऋृतु संधि पर आते हैं। जिससे हमारे शरीर की पाचन क्रिया कमजोर होती है। ऐसे में व्रत रखने और हल्का आहार का सेवन करने से पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता है। समा के चावल खाने में बेहद हल्के होते हैं। इसलिए व्रत में समा के चावल से बने व्यंजन खाए जाते हैं।

2. समा के चावल में फाइबर उच्च मात्रा में पाया जाता है। जिससे भूख कम लगती है और वजन कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा समा के चावल खाने से गैस संबंधी समस्या भी नहीं होती।



3.समा के चावल में फाइबर और मिनरल्स भरपूर पाए जाते हैं। जिससे शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और शरीर का मौसमी बीमारियों से बचाव होता है।

4. समा के चावल में शर्करा बेहद कम मात्रा में पाई जाती है। जिसकी वजह से शुगर यानि डायबिटीज पेशेंट भी इसका सेवन कभी भी कर सकते हैं।




5. समा के चावल में प्रोटीन भी उच्च स्तर पर मौजूद होता है। जिससे शरीर हल्का और एनर्जेटिक बना रहता है। इसके अलावा शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।

6. समा के चावल ग्लूटन फ्री होते हैं। जिससे शरीर सभी तरह के पौषक तत्वों को आसानी से अवशोषित करने में मदद मिलती है।





7. समा के चावल में सोडियम की मात्रा नहीं होती है। ऐसे में शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सामान्य रखने में मदद मिलती है।

8. समा के चावल में अन्य चावल के मुकाबले 30 गुना ज्यादा एंटीऑक्सिडेंट तत्व पाए जाते हैं। जिससे उम्र बढ़ने की निशानियां यानि एंटी एजिंग से बचाने में कारगर होते हैं।




9. समा के चावल में सफेद चावल के मुकाबले कम कैलोरी पाई जाती है। जिसकी वजह से रेगुलर खाने पर भी वजन बढ़ने की समस्या नहीं होती है।

10.समा के चावल में अनार की तुलना से 5 गुना अधिक आयरन पाया जाता है। जिससे थकान और चक्कर आने की समस्या से राहत मिलती है।

समा के चावल को कैसे रखें

समा के चावल को एयर टाईट कंटेनर में रखना चाहिए। जिससे इसमें नमी न जा पाएं। क्योंकि नमी के संपर्क में आने पर ये खराब हो जाते हैं।

इसके अलावा आप समा के चावल को किसी एयर टाईट पाउच में करके फ्रिज में भी रख सकते हैं।

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