logo
Breaking

इन पांच बदलाव के साथ ही जिंदगी हो जाएगी टेंशन-फ्री

आप अपनी फिजिकल हेल्थ के लिए बहुत ध्यान देते हैं लेकिन अगर टेंशन-फ्री नहीं रहते हैं तो कई तरह की बीमारियों के शिकार हो सकते हैं। इसलिए टेंशन-फ्री होना बहुत जरूरी है। कुछ उपायों पर अमल करके आप टेंशन-फ्री रह सकते हैं।

इन पांच बदलाव के साथ ही जिंदगी हो जाएगी टेंशन-फ्री

Feel Happy and Tension free, use these

विश्व स्वास्थ्य संगठन और दुनिया के स्वास्थ्य विज्ञानी ऐसे कई शोध और आंकड़े जारी कर चुके हैं, जिनसे पता चलता है कि दिमागी समस्या और चिंता दुनिया में सबसे ज्यादा लोगों को परेशान करने वाली बीमारी बन गई है। अमेरिका के प्रसिद्ध चिकित्सक मेयो ब्रदर्स ने काफी पहले इस पर कहा था ‘हमारे अस्पताल में आधे से ज्यादा बेड मानसिक या भावनात्मक बीमारियों के शिकार लोगों से भरे हैं।’
कई डिजीज का कारण-टेंशन स्माइलिंग हार्ट्स के अध्यक्ष डॉ. अबरार मुल्तानी, जो एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ होने के साथ कई पुस्तकों के लेखक भी हैं, बताते हैं कि हमारे शरीर के सारे रोग मस्तिष्क में पैदा होते हैं। कोई भी चीज शरीर में तब तक प्रकट नहीं होती, जब तक कि उसके अनुरूप मानसिक स्थिति नहीं बने। चिंता से गठिया, थायरॉइड, हृदय रोग, लकवा, आंखों की रोशनी में कमी, समय पूर्व बुढ़ापा, अल्सर, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, दांतों में सड़न, सौंदर्य में कमी, यौन शक्ति में ह्रास और कैंसर जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं।
अमेरिका की एनहेंसमेंस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन के सर्वे में पता चला है कि जो लोग लगातार स्ट्रेस में रहते हैं, उनका मेडिकल एक्सपेंस दूसरों की तुलना में 46 फीसदी ज्यादा होता है। इसलिए आपको स्वस्थ रहने और सफलता प्राप्त करने के लिए सबसे पहले चिंता से मुक्ति के उपाय करने चाहिए।

ये हैं टेंशन-फ्री होने का तरीका :

1.हॉबी अपनाएं

काम-काज के दबाव से मुक्ति पाने और अपने ब्रेन को चिंता से मुक्त करने के लिए आपको किसी ऐसी एक्टिविटी में संलग्न होना चाहिए, जिसमें आपको मजा आता हो। यह कैरम, लूडो और शतरंज खेलने से लेकर क्रिकेट, कबड्डी, फुटबॉल, बैडमिंटन और टेबल टेनिस खेलने तक कुछ भी हो सकता है। गार्डेनिंग, किताब पढ़ना, म्यूजिक सुनना, साइकिल चलाना और सैर-सपाटा, फोटोग्राफी करना भी चिंतामुक्त होने और आनंद की अनुभूति के लिए अच्छी हॉबीज हैं।

2.हॉली-डे है जरूरी

कई लोग हफ्ता दर हफ्ता, महीना दर महीना बस काम में जुटे रहते हैं जबकि तन-मन को रीचार्ज करने के लिए छुट्टी लेना भी जरूरी है। एक फेमस होटल एंड रिजॉर्ट्स की सेल्स एंड मार्केटिंग मैनेजमेंट टीम ने अपने अध्ययन में पाया कि 63 फीसदी एग्जीक्यूटिव्स बीच-बीच में एक हफ्ते की छुट्टी लेना जरूरी मानते हैं, जो काम के प्रति पॉजिटिव एटीट्यूड में सहायक होती है। स्वास्थ्य विज्ञानी भी मानते हैं कि शरीर और दिमाग को सुकून देने के लिए छुट्टियां लेनी जरूरी हैं।

3.टॉरगेट को डिवाइड करें

रॉबर्ट ब्लाई ने अपनी पुस्तक टाइम मैनेजमेंट में लिखा है कि अगर आपको कोई बड़ा काम या टार्गेट पूरा करना है तो एक ही बार में उसे खत्म करना तनावपूर्ण हो सकता है। इसे आप कई छोटे हिस्सों में बांटें और दिन में अलग-अलग समय में करें। इससे बिना स्ट्रेस आपका काम पूरा हो जाएगा।

4.गर्म पानी से नहाएं

गर्म पानी से नहाना वाकई सुकून देने वाला अहसास होता है। इसका फायदा बढ़ाने के लिए पानी में लैवेंडर ऑयल की कुछ बूंदें मिला लें। लैवेंडर को बरसों से इस्तेमाल किया जा रहा है। लैवेंडर ऑयल की कुछ बूंदें अपनी कनपटी और माथे पर लगाकर कुछ मिनट आंख बंद करके बैठ जाएं। इससे आपको काफी सुकून मिलेगा।

5.धीमी-गहरी सांस लें

अपनी सांसों को रेग्युलेट करने से एंग्जायटी और टेंशन काफी हद तक कंट्रोल में आ जाती है। किसी शांत स्थान पर बैठ जाएं। अपना एक हाथ पेट पर रखें और धीमी सांस भीतर लें ताकि आपका पेट आगे बढ़े लेकिन कंधे समान रहें। अब सांस को चार-पांच सेकेंड रोकें और सांस धीरे-धीरे छोड़ें। यह अभ्यास रोज करें, इससे टेंशन कम हो जाएगी।
Share it
Top