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क्या है डिमेंशिया, जानें इसके लक्षण और उपचार- हर किसी को होती है ये बिमारी

सर्दियों और बसंत में डिमेंशिया के लक्षण अधिक स्पष्ट दिखाई देते हैं। यह कहना है वैज्ञानिकों का, जिन्होंने अपने अध्ययन में पाया कि अल्जाइमर से ग्रस्त और सामान्य दोनों तरह के लोगों में गर्मी की शुरुआत और खत्म होने के समय न्यूमरिक स्किल यानि नंबरों को पहचानने की क्षमता अधिक होती है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, कुछ पुराने अध्ययन भी हैं जो बुजुर्गों में मौसम और न्यूमरिक स्किल के बीच संबंध को बताते हैं।

क्या है डिमेंशिया, जानें इसके लक्षण और उपचार- हर किसी को होती है ये बिमारी

सर्दियों और बसंत में डिमेंशिया के लक्षण अधिक स्पष्ट दिखाई देते हैं। यह कहना है वैज्ञानिकों का, जिन्होंने अपने अध्ययन में पाया कि अल्जाइमर से ग्रस्त और सामान्य दोनों तरह के लोगों में गर्मी की शुरुआत और खत्म होने के समय न्यूमरिक स्किल यानि नंबरों को पहचानने की क्षमता अधिक होती है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, कुछ पुराने अध्ययन भी हैं जो बुजुर्गों में मौसम और न्यूमरिक स्किल के बीच संबंध को बताते हैं।

प्लस मेडिसिन नामक जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने 3,353 लोगों की जांच की। इसमें कुछ प्रतिभागियों में प्रोटीन के स्तर और जींस का संबंध अल्जाइमर से मिला। कनाडा स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के शोधकर्ताओं ने पाया कि औसतन संज्ञात्मक कामकाज गर्मियों में अधिक होता है, जबकि सर्दियों और बसंत में इसमें गिरावट देखी जाती है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि मौसम हमारे मस्तिष्क को प्रभावित करता है। इसका असर अवसाद, नींद, शारीरिक गतिविधियों आदि पर पड़ता है। इसी के कारण अल्जाइमर से संबंधित प्रोटीन और जींस में बदलाव देखने को मिलता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस अध्ययन की मदद से डिमेंशिया के मरीजों का बेहतर उपचार तलाशने में मदद मिलेगी।

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क्या है डिमेंशिया

डिमेंशिया से ग्रस्त व्यक्ति की याददाशत कमजोर हो जाती है। वह अपने दैनिक कार्य ठीक से नहीं कर पाते। कभी-कभी वह यह भी भूल जाते हैं कि वह किस शहर में हैं, या कौन सा साल या महीना चल रहा है।

डिमेंशिया बीमारी दिमाग के कुछ खास सेल्स नष्ट होने से होती है। इन सेल्स के नष्ट होने से दिमाग के भीतर के अन्य सेल्स आपस में संचार नहीं कर पाते, जिससे सोचने की शक्ति कम होती है, व्यवहार और अनुभूतियों में दिक्कत आती है। डिमेंशिया की स्टेज है भूलना।

डिमेंशिया के लक्षण :

1.पीड़ित व्यक्ति रोज के रास्तों में ही खो जाते हैं, बोलने में दिक्कत आनी शुरू हो जाती है।

2.शारीरिक गतिविधियों में कमी आना,यही नही इसके साथ ही व्यक्ति के व्यवहार में भी बदलाव आने लगता है।

3.डिमेंशिया की गंभीर स्थिति में पीड़ित व्यक्ति रोज के काम नहीं कर पाता। वह अपने परिवार के लोगों को नहीं पहचान पाता, कोई बात उसकी समझ में नहीं आती। उसे किसी की सहायता की जरूरत पड़ती है।

4. डिप्रेशन और नींद से जुड़ी बीमारी का बढ़ना।

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डिमेंशिया के खतरे से बचाते हैं यह आहार

अपने भोजन में गेंहूं का खासतौर पर समावेश करें। यह न सिर्फ कोशिकाओं के निर्माण में सहायक है, बल्कि सेहत के लिए भी काफी अच्छा होता है। इसके आलावा बादाम, काजू और अखरोट एंटीऑक्सीडेंट और जरूरी फैटी एसिड से भरपूर होते है। मछली प्रोटीन और कैल्सियम से भरपूर होती है, जिससे मस्तिष्क का विकास होता है। यह याददास्त बढ़ाने के साथ-साथ मस्तिष्क का भी विकास करता है।

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