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दूषित खाने से हर साल 20 लाख लोगों की मौत, सैकड़ों बीमारियों का खतरा

चटपटा मसालेदार स्ट्रीट फूड माउथ वाटरिंग होता है, लेकिन इसे तैयार करने में थोड़ी सी भी लापरवाही लोगों को बीमार कर सकती है।

दूषित खाने से हर साल 20 लाख लोगों की मौत, सैकड़ों बीमारियों का खतरा
दिल्ली. चटपटा मसालेदार स्ट्रीट फूड माउथ वाटरिंग होता है, लेकिन इसे तैयार करने में थोड़ी सी भी लापरवाही लोगों को बीमार कर सकती है। कई बार तो ऐसे खाने से मरीज की जान तक पर बन आती है। ऐसी किसी भी घटना से बचने के लिए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने इस बार विश्व स्वास्थ्य दिवस 2015 की थीम ‘खाद्य सुरक्षा’ रखा है।
डॉक्टर्स के अनुसार यदि पांच ‘एच’ फॉर्मूले को फॉलो किया जाए, तो अस्सी फीसदी बीमारी से बचा जा सकता है। गर्म खाना खाएं, खाने से पहले हाथ अवश्य धोएं, ध्यान रखें कि खाना ढंक कर रखा गया हो, कटे हुए फल जो काफी देर से खुले में रखे गए हों खाने से बचें, कई घंटे पहले बना खाना खाने से बचना चाहिए। बीएलके सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के डॉ. योगेश बत्रा और चीफ डायटीशियन डॉ. सुनीता रॉय चौधरी कहती हैं कि अगर खाने से पहले हम पांच ‘एच’ याद रखें, तो कई बीमारियों से बच सकते हैं।
यदि हम फंडामेंटल्स को ध्यान में रखकर चलेंगे तो सुरक्षा हमारे पीछे-पीछे होगी। डॉक्टर्स ने स्ट्रीट फूड पसंद करने वालों के लिए ‘पांच एच प्रिकाशन प्रोटोकॉल’ भी बनाया है। जैसे साफ सुथरे रहें, पके हुए भोजन और कच्चे भोजन को अलग रखें, खाने को ठीक से और पूरा पकाएं, खाने को एक सुरक्षित तापमान पर रखें और साफ पानी और साफ खाने की सामग्री का ही उपयोग करें।
डॉ. चौधरी कहती हैं कि विकासशील देशों के शहरों में बहुत बड़ी जनसंख्या सड़क किनारे मिलने वाले खाने पर निर्भर है और यही वे लोग हैं, जो सबसे ज्यादा दूषित खाना खाते हैं और उन्हें इस खाने की वजह से बीमारियां होती हैं। ‘हम जैसा खाते हैं, वैसे ही बन जाते हैं’ यह कथन एकदम सत्य है और मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित भोजन के महत्व को बताता है। सुरक्षित भोजन हर किसी के लिए जरूरी है, बढ़ते बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं और बुजुगोर्ं सभी को सुरक्षित भोजन का ही सेवन करना चाहिए।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, इन बातों पर रखें ध्यान-
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