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डायबिटिक मरीजों के खूशखबरीः आंसू से स्मार्ट लेंस माप लेगा शुगर का लेवल

टेस्ट के लिए खून की बूंद निकालने की जरूरत नहीं होगी अब।

डायबिटिक मरीजों के खूशखबरीः आंसू से स्मार्ट लेंस माप लेगा शुगर का लेवल
नई दिल्ली. आपकी आंख अब दुनिया पर ही नहीं, बल्कि आपकी सेहत पर भी नजर रखेगी। स्विस दवा कंपनी नोवार्टिस और गूगल मिल कर स्मार्ट कॉन्टेक्ट लेंस बना रहे हैं। यह नजर और शुगर के मरीजों के लिए बहुत कारगर होगा।

नोवार्टिस ने गूगल से किया करार: स्मार्ट कॉन्टेक्ट लेंस बनाने के लिए दिग्गज दवा कंपनी नोवार्टिस ने गूगल के साथ समझौता किया है।
डायबिटिक के मरीजों को फायदा: दोनों कंपनियां आंख की देखभाल और डायबिटिक के मरीजों की मदद करने वाला स्मार्ट कॉन्टेक्ट लेंस तैयार करेंगी। नोवार्टिस के मुताबिक उसकी आई केयर शाखा एल्कॉन स्मार्ट लेंस बनाने के लिए गूगल को लाइसेंस देगी। नोवार्टिस के सीईओ योसेफ यिमेनेज के मुताबिक कि इस अहम कदम के साथ हम बीमारियों के इलाज के पारंपरिक तरीके के पार चल जाएंगे, इसकी शुरुआत आंख से हो रही है।
कंपनी का दावा: कमजोर नजर वालों को भी फायदा: कंपनी का दावा है कि जिन लोगों की पास की नजर कमजोर है, यह लेंस उनके लिए भी खासा मददगार साबित होगा। स्मार्ट लेंस, पढ़ाई लिखाई या सुई में धागा डालने जैसे नजदीकी काम के दौरान खुद ही ऑटो फोकस हो जाएगा। इससे प्रेसबायोपिया के मरीजों को बहुत मदद मिलेगी। प्रेसबायोपिया बीमारी में इंसान की आंख किसी चीज पर फोकस नहीं कर पाती।
टेस्ट के लिए खून की बूंद निकालने की जरूरत नहीं
मधुमेह के शिकार लोगों की आंसुओं की जांच कर शुगर लेवल का बड़ी आसानी से पता चल जाता है। आंखों में गीलापन बनाए रखने वाले इस तरल में अगर ग्लूकोज की मात्रा ज्यादा हुई तो समझिए कि शुगर का स्तर बढ़ रहा है।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, कैसे काम करता है ये लैंस -
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