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ये हैं नाश्ता करने के कमाल के फायदे, जानें किस समय क्या खाना होता है सही

आमतौर पर लोग सुबह नाश्ते के अलावा दोपहर और रात में भारी खाना खाते हैं। इस वजह से इन हैवी मील्स के बीच में मिनी मील्स के रूप में स्नैक्स नहीं लेते हैं। इससे कई तरह के नेगेटिव इफेक्ट्स शरीर पर हो सकते हैं। इनसे बचने और हमेशा हेल्दी-एनर्जेटिक बने रहने के लिए न्यूट्रीशस स्नैक्स का सेवन बहुत जरूरी है।

ये हैं नाश्ता करने के कमाल के फायदे, जानें किस समय क्या खाना होता है सही
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आमतौर पर लोग सुबह नाश्ते के अलावा दोपहर और रात में भारी खाना खाते हैं। इस वजह से इन हैवी मील्स के बीच में मिनी मील्स के रूप में स्नैक्स नहीं लेते हैं। इससे कई तरह के नेगेटिव इफेक्ट्स शरीर पर हो सकते हैं। इनसे बचने और हमेशा हेल्दी-एनर्जेटिक बने रहने के लिए न्यूट्रीशस स्नैक्स का सेवन बहुत जरूरी है।

ये क्यों हैं जरूरी है इस बारे में क्युआरजी हेल्थ सिटी हॉस्पिटल, फरीदाबाद के इंटरनल मेडिसिन के एचओडी डॉ. संजीव कपूर पूरी जानकारी दे रहे हैं। कई लोग लंच, डिनर और ब्रेकफास्ट के बीच स्नैक्स लेने से बचते हैं क्योंकि उन्हें डर रहता है कि ऐसा करने से उनका वजन बढ़ जाएगा।

यह सोच पूरी तरह गलत है। हेल्दी स्नैक्स के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। ये शरीर में उर्जा का स्तर बनाए रखने और वजन कम करने में भी आपकी सहायता कर सकते हैं।

लेकिन ध्यान रखें कि स्नैक्स में कैलोरी की मात्रा 100-200 से अधिक नहीं होनी चाहिए। यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि आप स्नैक्स किस समय ले रहे हैं और उनमें कौन-कौन से पोषक तत्व होने चाहिए?

स्नैक्स के लाभ

स्नैक्स मिनी मील होते हैं। मील की तुलना में इनका कैलोरी काउंट आधा या एक-तिहाई होना चाहिए। कम से कम 100 कैलोरी अधिक से अधिक 200 कैलोरी।

अनुसंधानों में यह बात सामने आई है कि हर चार घंटे में खाना खाने से मेटाबॉलिज्म चार्ज्ड रहता है और शरीर में ऊर्जा का स्तर बना रहता है। आप घर पर हैं तो आपके लिए मनचाहे स्नैक्स का सेवन मुश्किल नहीं है लेकिन अगर आप घर से बाहर या ऑफिस में हैं तब भी यह सुनिश्चित करें कि आपको शरीर को लंबे समय तक भूखा नहीं रखना है।

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आप अपने कैबिनेट, ड्रॉर या ब्रीफकेस में लो कैलोरी स्नैक्स रखें। स्नैक्स, मील की तुलना में अधिक पोषक होते हैं क्योंकि उन्हें प्रकृतिक रूप में खाते हैं। ध्यान रखें कि स्नैक्स में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा अधिक, कार्बोहाइड्रेट, वसा, चीनी और नमक की मात्रा कम होनी चाहिए।

स्नैक्स टाइमिंग

स्पेन में हुए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि हमें दो मेगा मील के बीच में 4 घंटे का अंतर होना चाहिए लेकिन आमतौर पर हम यह अंतर 6 घंटे रखते हैं। इसलिए दो मेगा मील के बीच हल्का-फुल्का स्नैक्स न केवल हमारी खाने की प्रबल इच्छा को कम करता है बल्कि हमारे रक्त में शुगर के स्तर को अनियंत्रित होने से भी रोकता है।

प्री-वर्कआउट स्नैक्स

वर्कआउट के पहले के खाने में फैट और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होना चाहिए, ताकि वह आसानी से पच सके। वर्कआउट से पहले खाए जाने वाले खाने को वर्कआउट से करीब 45 मिनट पहले खाएं, ताकि पेट में भारीपन ना लगे।

मिड मार्निंग स्नैक्स

अगर आप दोपहर का खाना एक से दो बजे के बीच खाते हैं तो मिड मार्निंग स्नैक्स लेने का सही समय सुबह 10.30-11.30 है।

ईवनिंग स्नैक्स

नींद में हमारा मेटाबॉलिज्म भी बहुत धीमा हो जाता है, इसलिए हमें डिनर बहुत हल्का लेना चाहिए। इसलिए हमें शाम को 5-6 बजे के बीच लाइट स्नैक्स लेना चाहिए, जिससे हमारी खाने की तीव्र इच्छा नियंत्रण में रहेगी।

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हेल्दी स्नैक्स

हम आपको कुछ हेल्दी स्नैक्स के बारे में बता रहे हैं, ये न केवल आपकी भूख शांत करते हैं, बल्कि काफी देर तक आपके पेट को भी भरा हुआ रखते हैं। इनमें कैलोरी की मात्रा भी अधिक नहीं होती, इसलिए आपका वजन बढ़ने का खतरा भी कम हो जाता है।

  • फ्रूट्स
  • फ्रूट सलाद
  • ड्राय फ्रूट्स
  • स्प्राउट सलाद
  • उबले हुए अंडे
  • एक कटोरी गर्म दूध और कार्न फ्लेक्स
  • एक छोटा गिलास गर्म डबल टोंड मिल्क
  • कॉर्न चाट
  • चना मसाला
  • एक कटोरी दलिया और गर्म दूध
  • सूप या फ्रूट जूस
  • एक कप गर्म दूध में एक चम्मच शहद
  • रोस्टेड चिवड़ा और एक कप चाय या कॉफी
  • तीन होलग्रेन बिस्किट और एक कप ग्रीन टी
  • भूने चने और गुड़
  • उबले हुए मटर फ्राय किए हुए
  • शहद लगाकर एक स्लाइस ब्राउन ब्रेड
  • रोस्टेड पी नट्स और गुड़
  • जरूरी हैं स्नैक्स

कई लोग मील के बीच में कुछ भी खाने को ‘बुरी आदत’ मानते हैं। लेकिन हेल्दी स्नैक्स लेने के कई फायदे हैं-

न्यूटिएंट्स इनटेक बढ़ाना

हेल्दी स्नैक्स विटामिंस, मिनरल्स, फाइबर, प्रोटीन, गुड फैट और जटिल कार्बोहाइड्रेट के अच्छे सोर्स होते हैं। ये पोषक तत्व हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी और फायदेमंद होते हैं।

भूख पर नियंत्रण

कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि जो लोग स्नैक्स लेते हैं उनका अपनी भूख पर अधिक नियंत्रण रहता है, जिससे उन्हें अपना वजन घटाने या सामान्य बनाए रखने में सहायता मिलती है।

ऊर्जा का स्तर

हेल्दी स्नैक्स जिनमें प्रोटीन, हेल्दी फैट और जटिल कार्बोहाइड्रेट अच्छी मात्रा में होता है, ऊर्जा के सोर्स होते हैं। इनके सेवन से हमारे शरीर और मस्तिष्क में ऊर्जा का सामान्य स्तर बना रहता है।

बेहतर ध्यानकेंद्रन

जब हम दो मील के बीच में अधिक अंतर रखते हैं तो हमारे रक्त में शुगर का स्तर नकारात्मक रूप से प्रभावित होता है, जिससे हमारे मस्तिष्क की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। जो लोग मील के बीच में स्नैक्स लेते हैं उनका मस्तिष्क पूरी क्षमता के साथ काम करता है, जिससे उन्हें अपने काम पर ध्यानकेंद्रित करने में सहायता मिलती है।

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सही मेटाबॉलिज्म दर

अगर आप बहुत देर तक शरीर को भूखा रखेंगे तो आपका मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाएगा। अगर दो मेगा मील के बीच लंबा समय होगा तो इसका मेटाबॉलिज्म पर नकाराकत्मक प्रभाव पड़ेगा। दो मील के बीच में स्नैक्स का सेवन करने से मेटाबॉलिज्म को बूस्ट मिलता है।

बीमारियों से बचाव

स्नैक्स का सेवन करने से बीमारियों को रोकने में मदद मिलती है। कोलेस्ट्रॉल का स्तर इसपर निर्भर नहीं करता कि आप क्या खाते हैं, आप कितने अंतराल पर खाते हैं यह भी बहुत महत्वपूर्ण है। जर्मनी में हुए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि जो लोग दिन में तीन मेगा मील खाने के बजाय छह बार मिनी मील खाते हैं उन्हें कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम रखने में सहायता मिलती है।

रखें इन बातों का ध्यान

  • जंक फूड्स का सेवन न करें, क्योंकि इनमें एंप्टी कैलोरीज़ (कैलोरी अधिक और पोषकता अत्यधिक कम) होती हैं।
  • स्नैक्स में लाइट आइटम्स खाएं और कम मात्रा में खाएं।
  • स्नैक्स, खाना खाने के तुरंत पहले या बाद में न खाएं।
  • स्नैक्स में कैलोरी की मात्रा कभी भी 200 से अधिक न रखें।

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