logo
Breaking

अलर्ट: डायबिटिक पेशेंट्स कुछ भी खाने से पहले पढ़ लें ये खबर, उठाना पड़ेगा भारी नुकसान

अधिकतर डायबिटिक पेशेंट्स इस बात से दुखी रहते हैं कि वे अपनी पसंद की चीजें नहीं खा सकते। जबकि सच्चाई यह है कि वे भी हर तरह की डाइट, डॉक्टर की सलाह पर बताई गई मात्रा में और कुछ सावधानियां बरतकर, खा सकते हैं। कौन सी हैं वो जरूरी सावधानियां, आप भी जानिए।

अलर्ट: डायबिटिक पेशेंट्स कुछ भी खाने से पहले पढ़ लें ये खबर, उठाना पड़ेगा भारी नुकसान

चालीस वर्षीय शिवम कई दिनों से लगातार कमजोरी और थकान महसूस कर रहा था। डॉक्टर ने रूटीन ब्लड टेस्ट के साथ शुगर टेस्ट भी करवाया। इस बार उसका शुगर टेस्ट पॉजिटिव आ गया। जब डॉक्टर ने उसे बताया कि तुम्हें डायबिटीज है, तो उसे यकीन ही नहीं हुआ। फिर चिंतित होते हुए डॉक्टर से कहा, ‘अब तो मैं कुछ भी नहीं खा पाऊंगस। लगता है मुंह पर ताला लगाकर ही रखना पड़ेंगा। कोई स्वादिष्ट व्यंजन या भोजन नहीं खा पाऊंगा।’ बस उसी दिन से वह बेहद उदास रहने लगा, जिससे उसके चेहरे की रही सही रौनक भी जाती रही।

आप मानें या न मानें डायबिटीज के 75 फीसदी रोगी रोग से ज्यादा इसके बारे में सोच-सोचकर चिंता से बीमार अधिक रहते हैं। इससे उनके शरीर का वजन कम होने लगता है, चेहरे का रंग फीका सा रहने लगता है और चिंता, दीमक की तरह उनके शरीर के खोखला करने लगती है।

न पालें गलतफहमी

सच तो यह है कि डायबिटीज के मरीजों को सामान्य, संतुलित और पौष्टिक भोजन लेना होता है, जिसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फैट, मिनरल और विटामिन समुचित मात्रा में हों। जो किसी भी सामान्य इंसान के लिए भी जरूरी होता है। स्वादिष्ट भोजन से वंचित होने जैसा कुछ भी नहीं होता, बस थोड़ा बहुत परहेज रखना होता है। डायबिटिक डाइट से कई प्रकार की गलतफहमियां जुड़ी हुई हैं, जिन्हें दूर कर लेना मरीज और उसके परिजनों के लिए फायदेमंद होगा।

इसे भी पढ़ें: सावधान! बारिश के मौसम में हो सकती है ये जानलेवा बीमारियां, रखें ऐसे ध्यान

शुगर पर टोटल बैन

ऐसा कुछ भी नहीं है। डॉक्टर की सलाह पर आप सुबह-सुबह जो चाय लेते हैं, उसमें आधा छोटा चम्मच चीनी डालकर पी लेंगे, तो संतुष्टि महसूस करेंगे और दिन भर आपको शुगर क्रेविंग का शिकार नहीं होना पड़ेगा। इस चाय से आपके ब्रेन में संतुष्टि का जो भाव आएगा, वह शुगर के विकल्प से नहीं आएगा। आप मिठाई, कुकीज और आइसक्रीम भी खा सकते हैं, लेकिन कभी-कभी और कम मात्रा में। इससे आपको स्वाद की संतुष्टि भी मिलेगी और नुकसान भी नहीं होगा। कभी इनके खाने से जो एकस्ट्रा कैलौरी आप ग्रहण करें, उसे दूसरे कार्बोहाइड्रेट रिच फूड की मात्रा घटाकर एडजस्ट कर लें।

इसे भी पढ़ें: कमर दर्द का कारण और कमर दर्द के घरेलू उपाय

कार्बोहाइड्रेट से दूरी

आमतौर पर डायबिटीज के मरीजों को कार्बोहाइड्रेट से पूरी तरह से दूरी बनाने को कह दिया जाता है, जबकि होना यह चाहिए कि आपके द्वारा ली गई कैलोरी की कुल मात्रा कार्बोहाइड्रेट से 50 फीसदी तक सीमित हो बाकी रेशेदार भोजन सामग्री से प्राप्त हो। इसलिए मैदा की बजाय ब्राउन राइस, चोकर य़ुक्त आटा, मल्टीग्रेन रोटी और फलों, सलाद का सेवन करें। फलों का रस न पिएं साबुत फल खाएं। अधिकांश फल बिना छीले खाएं। अगर आपको आम और केला खाने का शौक है, तो इनकी भी एकाध फांक ले सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: किस उम्र में कराएं कौन-से चेकअप, जानें यहां

आलू को बाय-बाय

मधुमेह के मरीज आलू से ऐसे डरते हैं, मानो वह कोई अखाद्य वस्तु बन गया हो। तथ्य यह है कि 100 ग्राम गेहूं या चावल में 340 कैलोरी होती हैं, जबकि 100 ग्राम आलू में सिर्फ100 कैलोरी होती है। इसमें क्लोरोजेनिक एसिड नामक केमिकल भी होता है, जो इंसुलिन रेजिस्टेंस कम करता है। हां, आलू का ग्लिसमिक इंडेक्स काफी ऊंचा होता है, इसलिए इससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ जाता है। इसलिए आलू को बिना छीले इसे ढेर सारी दूसरी सब्जियों (जिनमें प्रचुर फाइबर्स हों) के साथ ही पकाकर खाना चाहिए। अगर आपको उबला हुआ आलू खाने का शौक है तो इसके साथ उबला हुआ करेला, बैंगन या परवल भी मिला लें।

इसे भी पढ़ें: सावधान! सिगरेट जितना ही खतरनाक है हुक्का, जानें कैसे

जीरो फैट डाइट

डाइट में फैट जीरो न हो, बल्कि गुड फैट्स का सेवन सेहत के लिए जरूरी है। आप को भुनी हुई मूंगफली, अखरोट, बादाम, तिल, सूर्यमुखी के बीज, एवोकेडो और कम मात्रा में ऑलिव ऑयल या सरसों तेल का सेवन करना चाहिए। दही, फुल फैट मिल्क, चीज, आदि भी संतुलित मात्रा में लेते रहें। रिफाइंड तेलों की बजाय सामान्य सूर्यमुखी, सरसों, राइस ब्रान तेल लें लेकिन दिन भर में दो तीन छोटे चम्मच से अधिक नहीं।

(डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. रविकांत सरावगी और डायटिशियन संगीता मिश्र की सलाह के अनुसार )

Share it
Top