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महिला सशक्तिकरण का गवाह बनेगी दिल्ली, एमएफआरटी कार्यक्रम में महिलाओं को मिलेगा सम्मान

दिल्ली मे आयोजित होने वाले “नारी सशक्तिकरण मे वक्ता के रूप मे भाग लेने वाली प्रसिद्ध अभिनेत्री शबाना आज़मी ने इस कार्यक्रम के संदर्भ मे बात करते हुए कहा, “नारी शक्ति में संसार को बदलने की क्षमता है।

महिला सशक्तिकरण का गवाह बनेगी दिल्ली, एमएफआरटी कार्यक्रम में महिलाओं को मिलेगा सम्मान

दिल्ली मे आयोजित होने वाले “नारी सशक्तिकरण मे वक्ता के रूप मे भाग लेने वाली प्रसिद्ध अभिनेत्री शबाना आज़मी ने इस कार्यक्रम के संदर्भ मे बात करते हुए कहा, “नारी शक्ति में संसार को बदलने की क्षमता है।

नारी को जब भी नीतिकारों के बीच उचित स्थान मिला है उसने अपनी अद्वितीय क्षमताओं से सम्पूर्ण समाज के हित को ध्यान मे रखते हुए नीतिनिर्धारण मे सम्पूर्ण सहयोग दिया है”।

शबाना आज़मी जो एक अभिनेत्री होने के साथ ही सामाजिक कार्यक्रमों मे बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं, 30 सितंबर को दिल्ली मे आयोजित होने वाले कार्यक्रम ‘अस्मिता- वुमन’ मे प्रमुख वक्ता होंगी।

फाउंडेशन फॉर मैनेजमेंट रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एफएमआरटी) द्वारा आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम मे गिनी चुनी उन महिलाओं को वक्ता के रूप मे आमंत्रित किया गया है जो समाज मे अपना विशेष स्थान बनाने मे सफल हुई हैं।

शबाना के अलावा इस कार्यक्रम मे शिरकत करने वाले अन्य नाम हैं प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना शोवना नारायण जिनका नाम किसी परिचय का मुहताज नहीं है। प्रोफेसर निहारिका वोहरा जिन्हें “वुमन आचीवेर्स अवार्ड” से सम्मानित किया जा चुका है भी इस कार्यक्रम के वक्ताओं मे शामिल हैं।

इस कार्यक्रम के विषय में बात करते हुए निहारिका ने कहा “महिला नेतृत्व भी 21वीं सदी मे चर्चा का विषय हो सकता है यही विचित्र है। ऐसा इसलिए है क्योंकि नेतृत्व के स्तर पर पहुँचने वाली महिलाओं की संख्या कम है। आवश्यकता है कि ना केवल समाज बल्कि परिवार और कार्यक्षेत्र मे भी इस बात की ओर ध्यान दिया जाए कि किस प्रकार महिला नेतृत्व को बढ़ावा दिया जाये।“

एफएमआरटी कि अध्यक्षा डॉ ज्योति राणा ने कहा कि किसी भी संभावना को वास्तविकता मे बदलने की क्षमता यदि किसी मे है तो वो है नारी। संभावनाओं को सृजनात्मकता की दृष्टि से देखने से प्रत्येक कार्य दूसरों के जीवन मे प्रकाश लाता है।

एसिड अटेक से उबर कर दुनिया को अपनी शक्ति का लोहा मनवाने वाली लक्ष्मी अग्रवाल भी कार्यक्रम के प्रमुख वक्ताओं मे होंगी । महिला सशक्तिकर्ण के विषय मे अपने विचार रखते हुए लक्ष्मी ने कहा कि आवश्यकता है मी (मैं ) से वी (हम) की तरफ बढ्ने की।

मेरा सभी से यह कहना है कि केवल अपने विषय मे ना सोचें बल्कि अपने आस पास मौजूद सभी के विषय मे सोचें । लक्ष्मी का सपना है एक ऐसे संसार का जहां कोई लड़की यह ना कहे कि “काश मैं लड़का होती।

प्रसिद्ध कलाकार, अभिनेत्री और व्यवसायी कल्कि सुभ्रामानियम जिनहोने ट्रान्सजेंडर की समस्याओं के विषय मे काफी काम किया है, का मानना है कि केवल शिक्षा ही है जो ट्रान्सजेंडर के सशक्तिकरण में उपयोगी हो सकती है।

अंतर्राष्ट्रीय लीडरशिप कोच के रूप मे प्रसिद्ध डॉ देबाशीश चैटर्जी, जो इस कार्यक्रम में वक्ता के रूप मे शिरकत करेंगे, ने नारी सशक्तिकरण को कुछ इस तरह से वर्णित किया, “पुरुष ने जहां संस्थानों का नेतृत्व अपने हाथ मे रखा वहीं नारी ने घर को सजाया संवारा।

समय के साथ यही संस्थान अब नारी के लिए घर के समान हो गए। अगर लिंग भेद को भूल जाएँ तो पुरुष और स्त्री दोनों ही एक ही सोच और बोध का प्रतिनिधित्व करते हैं।

इनके अलावा जो विशिष्ट व्यक्ति इस कार्यक्रम मे अपने विचारों से लोगों को प्रेरित करेंगे उनमें शामिल हैं शिक्षाविद डॉ कविता ए शर्मा, सुश्री सुप्रिया श्रीनत एक्सिक्यूटिव एडिटर ईटी नाओ, महिला एंट्रिप्रेनेउर सम्मान से सममिनित सुश्री शुक्ल बोस।

साथ ही भारतीय हॉकी की ‘गोल्डन गर्ल’ सुश्री ममता खरब, पूर्व मिस इंडिया वर्ल्डवाइड सुश्री शिवानी पसरिच, मोटिवेशनल स्पीकर और व्यवसायी सुश्री रश्मि बंसल, एशिया की पहली और एकमात्र महिला व्यावसायिक मेंटलिस्ट डॉ कृति परिख,।

इतना ही नहीं एसिड अटैक को धता बता कर अपनी हिम्मत का लोहा मनवाने वाली सुश्री लक्ष्मी अग्रवाल, राष्ट्रीय कवियित्रि और लेखिका सुश्री दीप्ति मिश्रा और स्वयंसिद्धा पुरस्कार से सम्मानित प्रीति सिंह कार्यक्रम मे चार चंद लगाएंगे। एफएमआरटी की अध्यक्षा डॉ ज्योति राणा कार्यक्रम की प्रमुख कीनोट वक्ता होंगी।

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