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स्वतंत्रता दिवस 2018: बड़े-बड़े हीरो से काम नहीं चाइल्ड आर्टिस्ट्स, जानें इनकी राय

इंडिपेंडेंस-डे यानी स्वाधीनता दिवस (स्वतंत्रता दिवस 2018) आने वाला है। हम सभी देशवासियों के लिए यह दिन बहुत मायने रखता है। इसीलिए इस दिन को हम सब पूरे उल्लास से सेलिब्रेट करते हैं।

स्वतंत्रता दिवस 2018: बड़े-बड़े हीरो से काम नहीं चाइल्ड आर्टिस्ट्स, जानें इनकी राय

इंडिपेंडेंस-डे यानी स्वाधीनता दिवस (स्वतंत्रता दिवस 2018) आने वाला है। हम सभी देशवासियों के लिए यह दिन बहुत मायने रखता है। इसीलिए इस दिन को हम सब पूरे उल्लास से सेलिब्रेट करते हैं। इस अवसर पर हरिभूमि (बालभूमि) ने कुछ टीवी चाइल्ड आर्टिस्ट्स से यह जानना चाहा कि वे इंडिपेंडेंस-डे कैसे सेलिब्रेट करते हैं? इस बार उनकी क्या प्लानिंग है? उनके लिए आजादी के क्या मायने हैं? हमारे देश की कौन सी विशेषता उन्हें सबसे अच्छी लगती है? बड़े होकर वह कैसे देश की तरक्की में अपना योगदान देंगे?

कृष पारेख

सब टीवी के सीरियल ‘तेनाली रामा’ का गुंडप्पा

मैं हर साल अपने स्कूल में या जिस बिल्डिंग में हम रहते हैं, वहां होने वाले इंडिपेंडेंस-डे प्रोग्राम में पार्टिसिपेट करता हूं। इस साल भी ऐसे प्रोग्राम में पार्टिसिपेट करूंगा। हम सब जानते हैं 15 अगस्त 1947 को हमारा देश अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ था। हमें कभी नहीं भूलना चाहिए कि अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी कुर्बानी देकर हमें आजादी दिलवाई। मुझे अपने देश का आर्ट, कल्चर और यहां के ट्रेडिशंस बहुत पसंद हैं।

इसके अलावा अनेकता में एकता वाली खूबी भी बहुत अच्छी लगती है। मेरे लिए आजादी का मतलब है, हम सब अमीर-गरीब और ऊंच-नीच का भेदभाव भुलाकर एक-दूसरे के साथ प्यार से रहें। इसके लिए मैं अपने लेवल पर कोशिश भी करता हूं। मेरी क्लास में मेरा एक फ्रेंड है। उसकी फैमिली बहुत रिच नहीं है। इस वजह से कई बार उसे फीस भरने में देरी हो जाती है।

ऐसे में मेरे कुछ क्लासमेट्स उस पर कमेंट करते हैं तो मैं उनको ऐसा न करने के लिए मना करता हूं। उसको जब कुछ जरूरत होती है तो मैं उसकी मदद करता हूं। शूट की वजह से मैं रेग्युलर स्कूल नहीं जा पाता हूं। तब वह अपने नोट्स देकर स्टडी में मेरी हेल्प करता है। इस तरह हम दोनों एक-दूसरे की हेल्प करते हैं। मेरा सपना है कि बड़े होकर मैं देश के गरीब लोगों को घर बनवाकर देना चाहता हूं। बालभूमि के सभी दोस्तों से कहना चाहूंगा कि डॉक्टर, इंजीनियर, एक्टर या जो मन करे वो बनकर देश का नाम रोशन करो। जय हिंद!

हार्दिक गोहिल

एंड टीवी के सीरियल ‘भाभीजी घर पर हैं’ का लड्डू

मुझे हर साल टीवी पर टेलीकास्ट होने वाले इंडिपेंडेंस-डे का प्रोग्राम देखना बहुत पसंद है। इस बार स्कूल और सोसाइटी में होने वाले प्रोग्राम में भी मैं पार्टिसिपेट करूंगा। फ्लैग हॉस्टिंग और उसके बाद साफ-सफाई का प्रोग्राम होगा। मेरे लिए आजादी का मतलब अपने अंदर की बुराइयों से आजाद होना है। हमारा देश दुनिया भर में भाईचारे के लिए जाना जाता है। यहां अनेक धर्म के लोग आपस में मिलकर एक साथ रहते हैं, साथ मिलकर हर फेस्टिवल सेलिब्रेट करते हैं।

मैं भी हर फेस्टिवल सेलिब्रेट करता हूं। अपने देश की यह बात मुझे बहुत पसंद है। मेरा मानना है कि हम बच्चे भी देश की तरक्की में अपना योगदान दे सकते हैं। जैसे आज कुछ नासमझ लोग जगह-जगह कचरा फेंक देते हैं, जिससे गंभीर बीमारियां पैदा होती हैं। ऐसे में हम बच्चे रैली निकालकर अपने आस-पास के लोगों को सफाई के प्रति जागरूक कर सकते हैं।

इससे दो बात होगी- एक साफ-सुंदर वातावरण बनेगा और दूसरा बीमारियों का खतरा नहीं रहेगा। मैं बड़ा होकर एक्टर ही बनना चाहता हूं। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री बहुत बड़ी है। यह लाखों लोगों की रोजगार देती है। इस तरह मैं देश की तरक्की में अपना योगदान दूंगा। बालभूमि के दोस्तों से यही कहना चाहूंगा कि ऐसा कुछ करो, जिससे दुनिया में हमारे देश का नाम रोशन हो। हैप्पी इंडिपेंडेंस-डे!

आकृति शर्मा

स्टार प्लस के सीरियल ‘कुल्फी कुमार बाजेवाला’ की कुल्फी

मेरी मम्मी मुझे हर साल इंडिपेंडेंस-डे पर एक देशभक्ति गीत सिखाती हैं। जिसे मैं अपने दोस्तों के साथ याद करके स्कूल के कल्चरल प्रोग्राम में परफॉर्म करती हूं। इस साल इस सीरियल के सेट पर भी ऐसा ही कुछ करूंगी। इस दिन होने वाले प्रोग्राम में फ्लैग हॉस्टिंग मुझे सबसे अच्छा लगता है। तिरंगे को आसमान में फहरता देख मुझे बहुत अच्छा लगता है।

मुझे अपने देश की सबसे बड़ी विशेषता यह लगती है कि यहां सब खुशी-खुशी साथ मिलकर रहते हैं। फिर चाहे वे हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई किसी भी धर्म के लोग हों। मैं अपने देश से बहुत प्यार करती हूं। मुझे लगता है कि हम बच्चे भी देश के डेवलपमेंट में अपना योगदान दे सकते हैं, अपने से बड़ों की बातों को मानकर। क्योंकि बड़ों के पास अपनी लाइफ का एक्सपीरियंस होता है,

जिससे उनकी गाइडेंस में हम कई तरह की प्रॉब्लम को सॉल्व कर सकते हैं। इस तरह देश की प्रगति में योगदान दे सकेंगे। मैं अपने देश के लिए बहुत कुछ करना चाहती हूं, जिससे सबको हमारे देश पर प्राउड हो। बालभूमि पढ़ने वाले अपने दोस्तों से कहना चाहूंगी कि सबके साथ प्यार से पेश आओ, बुरी बातों से दूर रहो और अपने देश को प्राउड करने के लिए काम करो। भारत माता की जय!

मायरा सिंह

स्टार प्लस के सीरियल ‘कुल्फी कुमार बाजेवाला’ की अमायरा

हर साल इंडिपेंडेंस-डे पर अपने स्कूल के फंक्शन में मैं पार्टिसिपेट करती हूं। इस दिन स्कूल में सब बच्चे तिरंगे के कलर जैसी ड्रेस भी पहनते हैं। मुझे यह बहुत अच्छा लगता है। स्पेशली जब फ्लैग हॉस्टिंग होता है तो मैं बहुत गर्व महसूस करती हूं। इस साल इंडिपेंडेंस-डे, इसी सीरियल के सेट पर अपने को-स्टार्स के साथ सेलिब्रेट करूंगी। इसके अलावा किसी एनजीओ जाऊंगी और गरीब लोगों को खाना खिलाऊंगी।

मुझे अपने देश की जो बात सबसे अच्छी लगती है, वह है कि हम कितने भी मॉर्डन हो जाएं लेकिन अपना कल्चर और ट्रेडिशंस नहीं भूलते हैं। जहां तक मेरे लिए आजादी के मतलब का सवाल है तो बिना डरे अपनी बात को कहना, गलत होता देख उसके खिलाफ आवाज उठाना ही असली आजादी है। आज भी जब मुझे लगता है कि कोई कुछ गलत कर रहा है तो मैं चुप नहीं बैठती हूं।

मैं बड़ी होकर एक्टर या डॉक्टर बनना चाहती हूं, ताकि अपने काम से दुनिया में भारत का नाम रोशन कर सकूं। मैं बालभूमि के सभी रीडर्स से कहना चाहूंगी कि बालभूमि के फ्रेंड्स से कहना चाहूंगी कि हम सब हमेशा याद रखें कि देश सबसे पहले होता है। हमेशा केवल अपने बारे में न सोचें, स्वार्थी न बनें। हमारे पास जो चीज ज्यादा क्वांटिटी में है,

उसे दूसरों के साथ शेयर करें। फ्रेंड्स याद रखना, हमें आजादी बहुत संघर्ष के बाद मिली है। इसकी वेल्यू मत भूलना। इस दिन को खूब एंज्वॉय करो और कुछ ऐसा करने का खुद से प्रॉमिस करो कि जिससे हमारे देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन हो। हैप्पी इंडिपेंडेंस-डे।

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