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April Fool Day 2019: ''अप्रैल फूल'' को लेकर जानिए आपके चहेते टीवी सितारों के अनुभव और प्लान

हम सभी फर्स्ट अप्रैल को अपने करीबियों को फूल बनाने की कोशिश में रहते हैं, कई बार खुद भी फूल बन जाते हैं। सिर्फ फर्स्ट अप्रैल को ही नहीं, लोग मौज-मस्ती के लिए कभी भी किसी के साथ प्रैंक करते हैं। इसमें हमारे टीवी सितारे भी खूब आगे रहते हैं। अप्रैल फूल यानी फर्स्ट अप्रैल के मौके पर मूर्ख बनने और बनाने के एक्सपीरियंस शेयर कर रहे हैं, कुछ जाने-माने टीवी सितारे

April Fool Day 2019:

हम सभी फर्स्ट अप्रैल को अपने करीबियों को फूल बनाने की कोशिश में रहते हैं, कई बार खुद भी फूल बन जाते हैं। सिर्फ फर्स्ट अप्रैल को ही नहीं, लोग मौज-मस्ती के लिए कभी भी किसी के साथ प्रैंक करते हैं। इसमें हमारे टीवी सितारे भी खूब आगे रहते हैं। अप्रैल फूल यानी फर्स्ट अप्रैल के मौके पर मूर्ख बनने और बनाने के एक्सपीरियंस शेयर कर रहे हैं, कुछ जाने-माने टीवी सितारे

रोहतास गौड़

मुझे याद है, एक बार अप्रैल फूल के मौके पर मेरी को-स्टार सौम्या टंडन (अनीता) ने सीरियल ‘भाबीजी घर पर हैं’ के सेट पर मूर्ख बनाया था। इसमें उनके साथ शो के बाकी लोग भी शामिल थे। उन सबने मिलकर मुझसे कहा कि हमने प्रोडक्शन हाउस से बात करके फर्स्ट अप्रैल की छुट्टी मांगी है, उन्होंने दे भी दी है। छुट्टी की बात सुनकर मैं बहुत खुश हो गया। लेकिन फर्स्ट अप्रैल को सुबह-सुबह मुझे प्रोडक्शन मैनेजर की ओर से फोन आया कि आज की छुट्टी कैंसल कर दी गई है। मुझे बहुत तकलीफ हुई, मैं छुट्टी का मन बनाकर उठा था। फिर जैसे-तैसे सेट पर आया, वहां आकर देखता हूं कि कोई नहीं है। मैंने तुरंत सौम्या और बाकी को-स्टार को फोन किया, कोई मेरा फोन ही नहीं उठा रहा था। फिर मुझे आसिफ शेख (विभूति नारायण मिश्रा का किरदार निभाने वाले कलाकार) ने फोन किया, उन्होंने बताया कि आप अप्रैल फूल बन गए हैं। दरअसल, उस दिन वाकई में छुट्टी थी, उनके साथ इस प्रैंक में प्रोडक्शन मैनेजर भी शामिल थे।

किशोरी शहाणे विज

बचपन में हम बेसब्री से फर्स्ट अप्रैल का इंतजार करते थे और फिर गौर करते थे कि फैमिली मेंबर्स में ऐसा कौन-सा शख्स है, जिसे याद नहीं है कि आज अप्रैल फूल है और फिर हम सब बच्चे मिलकर उसे मूर्ख बनाते थे। एक बार की बात है, मेरी बड़ी बहन अपनी एक सहेली के साथ घर आई थी। उसकी सहेली के सिर पर खून लगा था, घर में सब उसे देखकर परेशान हो गए। सब मिलकर फर्स्ट एड बॉक्स खोजने लगे। सभी उसे लेकर चिंतित थे। तभी अचानक उसने अपने बैग में से टोमैटो कैचअप का बोतल निकाला और सबको दिखाकर हंसने लगी और बोली, ‘हे! अप्रैल फूल बनाया..’, सब लोग उससे नाराज हो गए, लेकिन बाद में सबकी हंसी भी छूट गई। मैं इस अप्रैल फूल के इंसिडेंट को कभी नहीं भूल सकती।

भानुजीत सिंह सुडान

मुझे तो यह दिन बहुत पसंद है, क्योंकि यह एक ऐसा दिन होता है, जब हम अपनों के साथ अलग-अलग तरह के प्रैंक कर सकते हैं और कोई नाराज भी नहीं होता है। लेकिन एक बार अप्रैल फूल के दिन हमारे साथ ही अजीब किस्सा हो गया है। हम नए घर में शिफ्ट हुए थे। कुछ दिनों बाद ही फर्स्ट अप्रैल आ गया, तो हमने हमारे पुराने पड़ोसी, जो हमारे पुराने घर के पास रहते थे, उन्हें मेरी बहन के बर्थ-डे पार्टी में बुलाया। असल में मेरी बहन का बर्थ-डे फर्स्ट अप्रैल को होता है। मेरी मां ने खाने की पूरी तैयारी कर ली थी, हम सब भी मेहमानों का इंतजार कर रहे थे, लेकिन कोई नहीं आया। सबको लगा कि शायद हम उन्हें अप्रैल फूल बना रहे हैं। बाद में मां ने खाना पैक करवाकर केक के साथ सबके घर भेज दिया, इसके बाद लोगों को यकीन हुआ कि सच में मेरी बहन का बर्थ-डे था। हमने किसी को अप्रैल फूल नहीं बनाया था। (हंसते हुए) अगले साल सब लोग गिफ्ट के साथ मेरी बहन के बर्थ-डे पर घर आए थे।

अभिनव शुक्ला

मैं स्कूल और कॉलेज के दिनों में प्रैंकस्टर हुआ करता था। किसी को फूल बनाने के लिए मुझे फर्स्ट अप्रैल का वेट नहीं करना पड़ता था। मैं अकयर अपने दोस्तों की खूब खिंचाई करता था। वैसे अप्रैल फूल से जुड़ा एक वाकया मुझे आज भी याद है, मैं जब स्कूल में था, तब 14 दिनों के एनसीसी के कैंप में गया। उस समय मैंने सोचा कि कौन-सी ऐसी मस्ती की जाए, जो मजेदार हो और खूब मजा आए। तो मैंने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर रात को कुछ लड़कों के चेहरे पर ब्लैक स्केच पेन से मूंछ बना दी और कुछ के बालों में टूथपेस्ट लगा दिया। अगले दिन सब उन्हें देखकर हंस रहे थे, उन्हें तब पता चला जब उन्होंने अपना चेहरा आइने में देखा। लेकिन उन्हें यह समझने में बिल्कुल भी देर नहीं लगी कि यह मेरी हरकत है। (हंसते हुए) उन दिनों को याद करता हूं तो आज भी हंसी आ जाती है।

एरिका फर्नांडिज

मुझे लगता है, आज की तारीख में हम जिस तरह की लाइफ स्टाइल जी रहे हैं, हम सब स्ट्रेस से भरे हुए हैं। हम सब सिर्फ काम, काम और काम में ही लगे रहते हैं। ठीक ऐसा ही माहौल हमारे सीरियल ‘कसौटी जिंदगी की’ के सेट पर भी होता है। इसलिए हम अकसर एक-दूसरे के साथ कुछ न कुछ प्रैंक करते रहते हैं, इससे स्ट्रेस छूमंतर हो जाता है। जैसे कभी किसी की कोई चीज छुपा देते हैं तो कभी नाराज होने का बहाना बनाकर बात करना बंद कर देते हैं और फिर सब मिलकर खूब हंसते हैं। सच कहूं तो मैं अब यह जानने के लिए बहुत एक्साइटेड हूं कि मेरे को-स्टार जो बिना किसी मौके के मेरी टांग खिंचाई या मजाक बनाने में लगे रहते हैं, वो अप्रैल फूल के मौके पर मेरे साथ कौन-सा प्रैंक करते हैं या यह कहूं कि मुझे कैसे अप्रैल फूल बनाते हैं? वैसे (हंसते हुए) मैं अपनी तरफ से पूरी तरह से अलर्ट हूं।

मून बनर्जी

अप्रैल फूल का असली मजा बचपन में आता था। मुझे याद है, हम बच्चे खासकर मेरे कजिंस साथ मिलकर किसको, कैसे अप्रैल फूल बनाना है इसकी प्लानिंग करते थे। आपको सुनकर हंसी आएगी, लेकिन यह सच है कि हमारा टारगेट होते थे, घर के बड़े-बुजुर्ग। जी हां, हम उन्हें इस दिन फूल बनाने की प्लानिंग करते थे। दरअसल, बड़ों से बाकी दिन तो हम मजाक-मस्ती नहीं कर पाते थे, लेकिन अप्रैल फूल का दिन ऐसा होता था, जब हम बड़ों से मस्ती भी करते थे और डांट भी नहीं पड़ती थी। मुझे आज भी याद है, हम बच्चे दो ग्रूप में बंट जाते थे। दो लोग मिलकर झूठ बोलते थे, हम बाकी सब या तो चुप रहते थे या फिर उन्हें सपोर्ट करते थे। जब कोई बड़ा अप्रैल फूल बन जाता था तो हम सब बच्चे मिलकर एक साथ गाते थे-‘अप्रैल फूल बनाया तो तुमको गुस्सा आया...।’

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