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कमजोर स्टूडेंट्स को सीबीएसई का तोहफा, टॉपर और कमजोर छात्रों का होगा अलग एग्जाम

गणित विषय में आगे कॅरियर बनाने वाले बच्चों के लिए एक कठिन पेपर बनाया जाएगा, जबकि गणित में कमजोर बच्चों के लिए आसान पेपर होगा।

कमजोर स्टूडेंट्स को सीबीएसई का तोहफा, टॉपर और कमजोर छात्रों का होगा अलग एग्जाम

गणित के डर को दूर करने के लिए सीबीएसई नया प्रयोग करने की योजना बना रही है। सीबीएसई ने एक प्रस्ताव रखा है, जिसके अनुसार गणित के छात्रों को दो कैटेगरी में बांटा जाएगा।

कमजोर छात्रों के लिए आसान और परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों के लिए अपेक्षाकृत कठिन प्रश्नपत्र तैयार किए जाएंगे। हालांकि इस संबंध में अभी केवल प्रस्ताव ही रखा गया है।

गणित विषय में आगे कॅरियर बनाने वाले बच्चों के लिए एक कठिन पेपर बनाया जाएगा, जबकि गणित में कमजोर बच्चों के लिए आसान पेपर होगा।

सीबीएसई ने कहा है, इस फैसले के पीछे मकसद ये है कि जो स्टूडेंट्स आगे की पढ़ाई गणित विषय में नहीं करना चाहते, उनके लिए पेपर आसान होगा, ताकि वह परीक्षा में आसानी से पास हो सके।

जो स्टूडेंट्स अपनी आगे की पढ़ाई गणित विषय के साथ करना चाहते हैं, उनके लिए पेपर कठिन होगा। गौरतलब है कि अभी इस फैसले पर पूरी तरह से मुहर नहीं लगी है। बोर्ड ने देशभर के कई स्कूलों और टीचर्स से इस प्रस्ताव के लिए सुझाव मांगे थे।

इंजीनियरिंग के लिए मुश्किल

जो स्टूडेंट्स आगे इंजीनियरिंग करना चाहते हैं और ज्वांइट एंट्रेंस टेस्ट (जेईई) की तैयारी कर रहे हैं, बोर्ड उनके लिए गणित की परीक्षा मुश्किल रखेगा।

वहीं दूसरी ओर जो स्टूडेंट्स मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नीट) की परीक्षा देने वाले हैं, उनके लिए गणित का पेपर आसान रखा जाएगा।

बोर्ड ने तर्क देते हुए कहा है, ऐसे कई स्टूडेंट्स है जो बाकी विषय में तो अच्छे हैं, लेकिन गणित में अच्छे नहीं हैं। ऐसे में इस प्रस्ताव के लागू होने के बाद उन स्टूडेंट्स को राहत मिलेगी।

सर्वे के बाद फैसला

गणित विषय से डरने वाले स्टूडे्ंटस पर सर्वे के बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एचआरडी) मंत्रालय ने इस साल गणित के डर से निपटने और उपाय देने के लिए एक पैनल का गठन किया था।

स्टूडेंट्स गणित विषय को एक फ्रेंडली विषय के रूप में देख सकें, इसके लिए पैनल को प्रयास करने कहा गया था। सीबीएसई ने कहा कि इस प्रस्ताव के लागू हो जाने के बाद इसे एनसीईआरटी भेजा जाएगा, ताकि इसे सेलेबस में शामिल किया जा सके।

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