Depression Causes: इन 5 वजहों से हो सकते हैं डिप्रेशन के शिकार, भूलकर भी न करें ऐसी गलतियां

Depression Causes: आजकल बहुत से लोग डिप्रेशन के शिकार होने लगे हैं, इस स्थिति में आने के पीछे कुछ वजहें जिम्मेदार हो सकती हैं।

Updated On 2026-01-16 17:40:00 IST

डिप्रेशन के 5 संभावित कारण।

Depression Causes: आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में तनाव, अनिश्चितता और लगातार बदलती लाइफस्टाइल ने मानसिक सेहत को सबसे ज़्यादा प्रभावित किया है। काम का दबाव, रिश्तों की उलझनें और सोशल मीडिया की तुलना ये सब मिलकर मन पर भारी पड़ने लगते हैं। धीरे-धीरे यही आदतें और हालात डिप्रेशन की ओर धकेल सकते हैं, जिसका असर सोच, नींद और रोज़मर्रा की ऊर्जा पर साफ दिखता है।

अक्सर लोग अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो मानसिक तनाव को और बढ़ा देती हैं। समय रहते इन कारणों को पहचान लिया जाए, तो डिप्रेशन से बचाव संभव है। आइए जानते हैं वे 5 बड़ी वजहें, जिनसे डिप्रेशन का खतरा बढ़ सकता है।

इन 5 वजहों से हो सकता है डिप्रेशन

लगातार तनाव और ओवरवर्क: बिना ब्रेक काम करना, देर रात तक जागना और खुद के लिए समय न निकालना दिमाग को थका देता है। लंबे समय तक तनाव में रहने से हार्मोनल बैलेंस बिगड़ता है, जिससे उदासी, चिड़चिड़ापन और निराशा बढ़ सकती है। काम और आराम के बीच संतुलन न बनाना सबसे आम गलती है।

नींद की कमी या अनियमित स्लीप पैटर्न: नींद मानसिक स्वास्थ्य की रीढ़ है। कम या खराब नींद से ध्यान, याददाश्त और मूड प्रभावित होता है। देर रात मोबाइल या लैपटॉप देखने की आदत नींद की क्वालिटी गिराती है, जो डिप्रेशन के जोखिम को बढ़ा सकती है।

सोशल आइसोलेशन और रिश्तों से दूरी: खुद को लोगों से अलग करना, भावनाएं साझा न करना या मदद मांगने से हिचकना मानसिक बोझ बढ़ाता है। इंसान सोशल पर्सनैलिटी है सपोर्ट सिस्टम के (परिवार, दोस्त) कमजोर पड़ते ही अकेलापन गहराने लगता है, जो डिप्रेशन की बड़ी वजह बन सकता है।

अनहेल्दी लाइफस्टाइल और गलत खानपान: जंक फूड, अत्यधिक कैफीन, शराब या शारीरिक गतिविधि की कमी दिमाग पर सीधा असर डालती है। पोषक तत्वों की कमी और निष्क्रिय जीवनशैली से एनर्जी लेवल गिरता है, जिससे नेगेटिव सोच बढ़ सकती है।

भावनाओं को दबाना और मदद न लेना: 'सब ठीक है' का मुखौटा पहनकर दर्द छिपाना सबसे खतरनाक आदतों में से एक है। भावनाओं को दबाने से तनाव अंदर ही अंदर बढ़ता रहता है। सही समय पर काउंसलिंग या भरोसेमंद व्यक्ति से बात न करना स्थिति को गंभीर बना सकता है।

(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

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लेखक: (कीर्ति)

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