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पापुआ न्यू गिनी में वेतन विवाद को लेकर पुलिस और दूसरे सरकारी कर्मचारियों ने जमकर उत्पात मचाया। कई दुकानों में तोड़फोड़ और आगजनी की। इस हिंसा में 16 लोगों की मौत हुई है। सरकार ने एहतियात बरतते हुए आपातकाल की घोषणा की है।

Papua New Guinea Violence: पापुआ न्यू गिनी में वेतन विवाद को लेकर बुधवार को दंगा भड़क गया। दंगाइयों ने राजधानी पोर्ट मोरेस्बी और लाई शहर में जमकर कोहराम मचाया। सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। दुकानों को आग लगा दी और उनमें रखे सामान लूट लिए। इस हिंसा में 16 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों  में नौ लोग पोर्ट मोरेस्बी के और सात लोग लाई शहर के थे। पापुआ न्यू गिनी सरकार ने इस हिंसा को देखते हुए आपतकाल की घोषणा की है। 

क्यों भड़की पापुआ न्यू गिनी में हिंसा?
पापुआ न्यू गिनी में यह हिंसा सरकारी कर्मचारियों के वेतन को लेकर हुए विवाद को लेकर भड़की। बुधवार को देश के सैंकड़ों पुलिस अफसर, सेना के जवान, जेल कर्मचारी और अप्न्य सरकारी कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ दी। यह सभी सरकारी कर्मचारी सरकार की वेतन नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की। देश के प्रधानमंत्री जेम्स परापे ने इसे गंभीरता से लिया है। हिंसा में शामिल सरकारी कर्मचारियों और पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। 
सरकार ने उठाए एहतियाती कदम
हिंसा और न फैले इसके लिए सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं। अशांति रोकने के लिए करीब 1000 सेना के जवानों को तैनात किया गया है। हालांकि गुरुवार को हिंसा कम हो गई लेकिन सरकार सतर्क है। पोर्ट मोरेस्बी में यूएस एम्बेसी ने बताया कि पुलिस काम पर लौट आई है। हालांकि तनाव बरकरार है। चीन के एम्बैसी के मुताबिक, हिंसा में कई चीनी नागरिकों को भी चोटें आई हैं। दंगाइयों ने चीनी नागरिकों की दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दिया है। 

हिंसा का वीडियो फुटेज आया सामने
हिंसा के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रहे हैं। वहीं, टेलीविजन चैनलों ने भी हिंसा से जुड़े वीडियो फुटेज प्रसारित किए हैं। इनमें साफ देखा जा सकता है कि राजधानी पोर्ट मोरेस्बी की सड़कों पर हजारों लोगों की भीड़ है। लोग तोड़फोड़ और आगजनी कर रहे हैं। शहर के ऊपर धुंए का गुबार उठता नजर आया। इसके साथ ही कुछ लोग दुकानों से लूटी गई चीजें लेकर भागते भी नजर आए। 

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