haribhoomi hindi news
ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के एक C-130 सैन्य परिवहन विमान और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को मार गिराया है। ईरान ने यह हमला तब किया जब अमेरिका अपने लापता पायलट को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा था।

Iran-US War: ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिकी सेना के कई विमानों को मार गिराया है। इनमें एक C-130 मिलिटरी ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और दो ब्लैक हॉक (Black Hawk) हेलीकॉप्टर शामिल हैं। ईरान के अनुसार, यह कार्रवाई तब की गई जब अमेरिकी सेना दक्षिण-पश्चिमी ईरान में एक रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही थी।

रेस्क्यू ऑपरेशन में 5 लोगों की मौत
ईरान के सैन्य कमांड 'खातम अल-अंबिया' ने बयान जारी कर कहा कि इस संघर्ष में कम से कम पांच लोगों की जान गई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मारे गए लोग नागरिक थे या सैन्य कर्मी। ईरान ने यह भी दावा किया है कि उन्होंने इजरायली सेना के एक ड्रोन को भी मार गिराया है। ईरानी सेना ने अमेरिकी रेस्क्यू ऑपरेशन को "विफल" करार दिया है।

धूं-धूं कर जल रहे हैं अमेरिकी विमान
ईरानी स्टेट मीडिया ने रेगिस्तान में बिखरे हुए अमेरिकी विमानों के मलबे की तस्वीरें साझा की हैं। तस्वीरों में मलबे से काला धुआं उठता हुआ देखा जा सकता है। इससे पहले शुक्रवार को भी कुछ वीडियो सामने आए थे, जिनमें स्थानीय लोग राइफलें लेकर अमेरिकी पायलट की तलाश करते दिखे थे। ईरान का कहना है कि दुश्मन के विमानों ने इस्फहान (Isfahan) के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया था, जिसके बाद उन पर हमला किया गया।

अमेरिका को करोड़ों का नुकसान और तकनीकी हार
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान के दावे सच हैं, तो यह अमेरिका के लिए एक बड़ी आर्थिक और रणनीतिक चोट है। एक C-130J विमान की कीमत लगभग 800 करोड़ रुपये और एक ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर की कीमत करीब 200 करोड़ रुपये होती है। इस लिहाज से अमेरिका को एक ही दिन में 1200 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय नुकसान हुआ है। इस्फहान जैसे इलाके में, जो ईरान का परमाणु और सैन्य केंद्र है, वहां अमेरिकी विमानों का गिरना यह दर्शाता है कि ईरान का 'एयर डिफेंस सिस्टम' अब पहले से कहीं अधिक घातक हो गया है।

ट्रंप ने ऑपरेशन को बताया 'साहसी'
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन की सराहना करते हुए इसे 'साहसी' बताया है। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने दुश्मन की सीमा के अंदर फंसे एक "बेहद सम्मानित" कर्नल को सुरक्षित बचा लिया है। हालांकि ट्रंप ने विमानों के नुकसान की पुष्टि नहीं की, लेकिन उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना अपने किसी भी योद्धा को पीछे नहीं छोड़ेगी। उनके अनुसार, यह सैन्य इतिहास में पहली बार है जब दो पायलटों को अलग-अलग ऑपरेशन में दुश्मन के इलाके से निकाला गया है।

F-15E स्ट्राइक ईगल से शुरू हुआ विवाद
तनाव की शुरुआत शुक्रवार को हुई थी जब ईरान ने अमेरिका के एक F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया था। यह 4.5 जनरेशन का दो सीटों वाला विमान था। इसके बाद अमेरिका ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू मिशन शुरू किया। ईरान का दावा है कि इस दौरान अमेरिका ने न केवल हेलीकॉप्टर और परिवहन विमान खोए, बल्कि एक A-10 वारथॉग (Warthog) लड़ाकू विमान भी खो दिया है।

7