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मौसम में इस अचानक बदलाव ने एक तरफ जहां लोगों को आंधी-बारिश से राहत दी थी, वहीं अब तेज गर्मी की वापसी से फिर परेशानी बढ़ सकती है

मध्यप्रदेश में पिछले चार दिनों के दौरान मौसम ने बड़ा बदलाव दिखाया है। प्रदेश के करीब 45 जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन के साथ-साथ खेती को भी प्रभावित किया। लगभग 98 घंटे तक सक्रिय रहे मजबूत वेदर सिस्टम के कारण कई इलाकों में तेज हवाएं चलीं और भारी बारिश हुई। इनमें से 17 जिलों में ओले गिरने से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। अब जैसे ही यह सिस्टम कमजोर पड़ा है, वैसे ही प्रदेश में एक बार फिर तेज गर्मी का दौर शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं।

इस मौसम बदलाव का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने खासकर केला, पपीता और गेहूं जैसी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। धार और खरगोन समेत कई जिलों में हालात ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं, जहां खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है और अब वे सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, यह स्ट्रॉन्ग सिस्टम अब प्रदेश से हट चुका है, जिससे आने वाले दिनों में मौसम साफ रहेगा। हालांकि साफ आसमान और तेज धूप के कारण तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में गर्मी अपने तेवर और ज्यादा दिखा सकती है, जिससे दिन का तापमान तेजी से ऊपर जा सकता है।

मौसम में इस अचानक बदलाव ने एक तरफ जहां लोगों को आंधी-बारिश से राहत दी थी, वहीं अब तेज गर्मी की वापसी से फिर परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को बदलते मौसम के अनुसार सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

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