MP Politics: रीवा। मध्यप्रदेश में मुकेश मल्होत्रा के बाद एक और कांग्रेस विधायक की सदस्यता खतरे में हैं। रीवा के सेमरिया से विधायक अजय मिश्रा पर नामांकन पत्र में आपराधिक रिकॉर्ड छिपाने का आरोप है। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी कृष्णपति त्रिपाठी से 637 वोट ज्यादा लाकर चुनाव में जीत दर्ज की थी। अदालत में अजय मिश्रा की जीत को चुनौती देने वाली याचिका दायर की गई थी। हाई कोर्ट ने याचिका खारिज करने से इंकार करते हुए मामले को गंभीर बताया है।
अजय मिश्रा के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर जस्टिस विनय सराफ की एकल पीठ ने सुनवाई की। उन्होंने आरोपों को गंभीर माना है। इसके साथ ही अदालत ने ट्रायल आगे बढ़ाने की भी अनुमति दे दी है। याचिका भाजपा प्रत्याशी कृष्णपति त्रिपाठी द्वारा दायर की गई थी।
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023
विधानसभा चुनाव मध्यप्रदेश में साल 2023 में हुए थे। सेमरिया से भाजपा ने कृष्णपति त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया था जबकि कांग्रेस की ओर से अजय मिश्रा चुनावी मैदान में उतरे थे। अजय मिश्रा को 56,024 वोट मिले थे जबकि कृष्णपति त्रिपाठी को 55,387 लोगों ने वोट किया था। इस तरह कांग्रेस प्रत्याशी अजय मिश्रा बहुत कम वोट मार्जिन से जीते थे। जनवरी 2024 में अदालत में उनके चुनाव को चुनौती दी गई थी।
आपराधिक रिकॉर्ड छिपाने के आरोप
दरअसल चुनाव के लिए हर प्रत्याशी को नामांकन पत्र दायर करना होता है। इसमें प्रत्याशी अपनी संपत्ति और शैक्षणिक योग्यता की जानकारी के अलावा आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी देते हैं। आरोप है कि, अभय मिश्रा ने आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई और हलफनामे में नॉट ऍप्लिकेबल लिखा।
कृष्णपति त्रिपाठी ने अजय मिश्रा के खिलाफ दर्ज 9 मामलों की जानकारी कोर्ट को दी है। अगर आरोप सिद्ध होते हैं तो इसे भ्रष्ट आचरण माना जाएगा। अदालत ने प्रतिवादी को 4 हफ्ते के अंदर लिखित आदेश दाखिल करने का आदेश दिया है। गौरतलब है कि, कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा पर भी हलफनामे में आपराधिक रिकॉर्ड छिपाने का आरोप हैं। सुप्रीम कोर्ट ने MP हाई कोर्ट के आदेश पर स्टे लगाते हुए उन्हें विधायक बने रहने की अनुमति दी है लेकिन उन्हें वोटिंग राइट नहीं है और न ही उन्हें वेतन मिलेगा।









