भोपाल। भोपाल नगर निगम की परिषद बैठक 23 मार्च को आयोजित होने जा रही है, जिसमें शहर का नया बजट पेश किया जाएगा। इस बार बजट का आकार करीब 3500 करोड़ रुपए रहने की संभावना है। पिछली बार निगम ने 3611 करोड़ रुपए का बजट पेश किया था। हालांकि इस बार प्रॉपर्टी टैक्स या जल कर बढ़ाने की संभावना कम मानी जा रही है, क्योंकि पहले ही मंत्री और विधायकों ने इस पर आपत्ति जताई है। इसलिए प्रशासन टैक्स बढ़ाने से बचते हुए बजट संतुलित रखने की कोशिश करेगा।
इन मुद्दों पर सत्तापक्ष को घेरेगा विपक्ष
बैठक में बजट ही नहीं, बल्कि कई विवादित और चर्चित मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। विपक्ष कई मुद्दों पर सत्तापक्ष को घेरने का प्रयास करेगा। खास तौर पर स्लॉटर हाउस में 26 टन गोमांस मिलने का मामला, हाल ही में लोकायुक्त की कार्रवाई और लिंक रोड नंबर-2 पर बनी नई बिल्डिंग से जुड़ा विवाद ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर हंगामा होना तय है। नई बिल्डिंग को लेकर आरोप है कि अधूरी तैयारियों के बीच इसे शुरू कर दिया गया, जिसके चलते एक बुजुर्ग की गिरकर मौत हो गई।
पार्किंग को लेकर रखा जाएगा प्रस्ताव
बैठक में शहर की पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी अहम प्रस्ताव रखा जाएगा। नगर निगम 14 नई पार्किंग विकसित करने की योजना ला रहा है, जिनमें से पांच पार्किंग मेट्रो स्टेशनों के नीचे बनाई जाएंगी। इन पार्किंग में लगभग 40 चार पहिया और 250 दोपहिया वाहन खड़े किए जा सकेंगे। इस प्रस्ताव को पहले ही मेयर इन काउंसिल की बैठक में मंजूरी मिल चुकी है और अब इसे परिषद में अंतिम स्वीकृति के लिए पेश किया जाएगा।
145 वाहनों को कंडम करने की तैयारी
आदमपुर खंती में जमा पुराने कचरे यानी लीगेसी वेस्ट के निपटारे का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा। इस कार्य पर करीब 55.54 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। नगर निगम की ओर से इसे शहर की स्वच्छता के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निगम के पुराने और अनुपयोगी वाहनों को भी हटाने की तैयारी है। करीब 145 वाहनों को कंडम घोषित करने का प्रस्ताव परिषद में रखा जाएगा, जिसे मेयर इन काउंसिल से मंजूरी पहले ही मिल चुकी है।
मेट्रो पार्किंग का मुद्दा भी चर्चा में रहेगा
भोपाल मेट्रो परियोजना से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा भी चर्चा में रहेगा। शहर में मेट्रो के आठ स्टेशन बन चुके हैं, लेकिन इनमें से किसी पर भी पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं है। फिलहाल केवल पिक एंड ड्रॉप की सुविधा उपलब्ध है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए नगर निगम ने मेट्रो स्टेशनों के आसपास पार्किंग विकसित करने की योजना बनाई है। यह बैठक बजट पेश करने तक सीमित नहीं रहेगी, शहर के कई अहम मुद्दों पर बहस और फैसलों का मंच भी बनेगी।









