लखनऊ: राजधानी लखनऊ के लोकभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा चयनित 1,228 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवचयनित अभ्यर्थियों को मानवता की सेवा का संकल्प दिलाते हुए प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2017 से पहले जो स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल थीं, वे आज 'मिशन निरामया' के तहत देश के लिए मिसाल बन रही हैं।
निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से चयनित 1,228 नर्सिंग अधिकारियों के नियुक्ति-पत्र वितरण हेतु लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में... https://t.co/QqgxCKMjYp
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 22, 2026
भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती और सेवा भाव का संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सा सेवा केवल एक आजीविका नहीं, बल्कि पुण्य कमाने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की ये नियुक्तियां पूरी तरह पारदर्शी और ईमानदारी से हुई हैं, जहाँ युवाओं को बिना किसी सिफारिश के उनकी योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी मिली है।
सीएम ने नवनियुक्त अधिकारियों को सीख दी कि अस्पतालों में आने वाले गरीब और असहाय मरीजों के साथ उनका मधुर व्यवहार ही उनकी आधी बीमारी को ठीक कर देगा। उन्होंने नर्सिंग स्टाफ को स्वास्थ्य ढांचे की असली रीढ़ बताया।
भावुक हुए अभ्यर्थी: सरकार की पारदर्शिता पर जताया भरोसा
नियुक्ति पत्र पाने के बाद अभ्यर्थियों के चेहरों पर खुशी और आंखों में संतोष के आंसू नजर आए। कई महिला अभ्यर्थियों ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि बिना किसी 'पहुँच' या रिश्वत के इतनी बड़ी नौकरी मिल जाएगी।
अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि जिस निष्पक्षता से उनका चयन हुआ है, उसी ईमानदारी से वे मरीजों की सेवा करेंगे। उन्होंने इस दिन को अपने जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बताया और कहा कि सरकार की कार्यप्रणाली ने युवाओं का व्यवस्था के प्रति विश्वास बहाल किया है।
प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेजों को मिलेगी नई ताकत
इन 1,228 नए अधिकारियों की नियुक्ति से उत्तर प्रदेश के 13 राजकीय मेडिकल कॉलेजों और सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों में स्टाफ की कमी स्थायी रूप से दूर होगी। चयनित अभ्यर्थियों में 1,097 महिलाएं और 131 पुरुष शामिल हैं, जिन्हें आगरा, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, झांसी और गोरखपुर जैसे शहरों में तैनात किया जाएगा।
विशेष रूप से कानपुर के जेके कैंसर संस्थान और हृदय रोग संस्थान जैसे विशिष्ट केंद्रों में इन अधिकारियों की तैनाती से गंभीर बीमारियों के इलाज में काफी सुधार होगा।
स्वास्थ्य सेवाओं का बदलता स्वरूप और भविष्य का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की चर्चा करते हुए कहा कि 2017 से पहले यूपी में केवल 12 मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर लगभग हर जिले तक पहुँच रहे हैं। 'वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज' का लक्ष्य जल्द ही पूरा होने वाला है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश अब न केवल बुनियादी ढांचा खड़ा कर रहा है, बल्कि पर्याप्त मैनपावर सुनिश्चित कर मरीजों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारियों को इस बदलते उत्तर प्रदेश का 'ब्रैंड एंबेसडर' बताया।









