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पुलिस ने गौतस्करी के दावों को खारिज करते हुए इसे कोहरे के कारण हुआ सड़क हादसा करार दिया है।

मथुरा के कोसीकलां इलाके में शुक्रवार रात दो ट्रकों के बीच हुई भीषण टक्कर में गौ रक्षक चंद्रशेखर उर्फ 'फरसा वाले बाबा' की दुखद मृत्यु हो गई थी। ताजा जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए ट्रक चालक ने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया है।

पुलिस के अनुसार, घने कोहरे के कारण हुआ यह एक सामान्य सड़क हादसा था, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने इसे 'गौतस्करी' से जोड़कर भ्रामक खबरें फैला दीं। इन अफवाहों के कारण ही हाईवे जाम और पथराव जैसी हिंसक घटनाएं हुईं, जिससे इलाके का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

​अफवाह फैलाने वाले दक्ष चौधरी समेत 13 आरोपी गिरफ्तार 
मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि माहौल बिगाड़ने और अफवाहें फैलाने के आरोप में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जांच में सामने आया है कि मथुरा के बाजना का रहने वाला दक्ष चौधरी अपने तीन साथियों के साथ फरसा बाबा के आश्रम पहुँचा था और वहाँ भड़काऊ अफवाहें फैलाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए दक्ष चौधरी और उसके साथियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अन्य उपद्रवियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के जरिए कर रही है।

​कोहरा बना काल: एक्सीडेंट का केस दर्ज, जांच जारी 
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर यह पूरी तरह से एक सड़क दुर्घटना थी। मृतक के साथी की तहरीर पर एक्सीडेंट का केस दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस ट्रक चालक पर जानबूझकर टक्कर मारने के आरोप लगाए जा रहे थे, वह स्वयं भी इस हादसे में बुरी तरह घायल हुआ था और बाद में उसकी मौत हो गई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निराधार दावों और सोशल मीडिया पर चल रही बिना पुष्टि वाली खबरों पर भरोसा न करें।

​पूरे इलाके में 'सेक्टर स्कीम' लागू, मजिस्ट्रेट की चौकसी 
कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने पूरे प्रभावित इलाके में 'सेक्टर स्कीम' लागू कर दी है। इसके तहत पूरे क्षेत्र को अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर पुलिस और मजिस्ट्रेट की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।

छाता और कोसीकलां क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के माध्यम से शांति भंग करने या गलत सूचना साझा करने का दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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