लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के प्रति युवाओं का रुझान तेजी से बढ़ा है। इस बार अभ्यर्थियों की भारी संख्या को देखते हुए शासन ने परीक्षा की तिथि को विस्तारित कर 31 मई 2026 कर दिया है।
प्रदेश समन्वयक प्रो. सौरभ श्रीवास्तव के अनुसार, शनिवार दोपहर तक 3.55 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें से 2.77 लाख छात्र अपने फॉर्म सफलतापूर्वक सबमिट कर चुके हैं। खास तौर पर पूर्वांचल के युवाओं में बीएड को लेकर सबसे अधिक रुचि देखी जा रही है।
फॉर्म भरने की अंतिम तिथि और विलंब शुल्क की जानकारी
अभ्यर्थियों के पास अभी भी आवेदन करने का मौका है। बिना विलंब शुल्क के आवेदन फॉर्म 5 अप्रैल 2026 तक भरे जा सकते हैं। इसके बाद, जो छात्र निर्धारित समय तक फॉर्म नहीं भर पाएंगे, वे 10 अप्रैल 2026 तक विलंब शुल्क के साथ अपना आवेदन जमा कर सकेंगे।
विश्वविद्यालय ने छात्रों से अपील की है कि वे अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए समय रहते पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर लें।
परीक्षा केंद्रों की संख्या में बड़ा इजाफा
अभ्यर्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए परीक्षा केंद्रों के नेटवर्क को विस्तार दिया गया है। पिछले वर्ष प्रदेश के 69 जिलों में 851 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, लेकिन इस बार केंद्रों की संख्या 1000 से ज्यादा होना तय है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों को बढ़ाने का मुख्य कारण फॉर्म भरने वालों की संख्या में हुई अप्रत्याशित वृद्धि है, ताकि छात्रों को उनके गृह जनपद या नजदीकी क्षेत्र में ही सेंटर मिल सके।
शुचितापूर्ण परीक्षा के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती
परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और शुचिता के साथ संपन्न कराने के लिए तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई हैं। प्रदेश के हर जिले में डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेटर व डिस्ट्रिक्ट नोडल ऑफिसर तैनात कर दिए गए हैं।
राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को नोडल समन्वयक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि परीक्षा के दौरान नकल रोकने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीक और कड़ी निगरानी का उपयोग किया जाएगा।









