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इंदौर नगर निगम ने 8450 करोड़ का ई-बजट पेश किया, जिसमें कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया। हालांकि सदन में ईरान के नेता को श्रद्धांजलि देने पर विवाद और हंगामा भी देखने को मिला। पढ़ें पूरी खबर।

इंदौर। शहर के विकास की दिशा तय करने वाला नगर निगम का वार्षिक बजट इस बार कई मायनों में खास रहा। करीब 8450 करोड़ रुपए का ई-बजट पेश किया गया, जिसमें राहत की बात यह रही कि नागरिकों पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया। हालांकि, बजट सत्र के दौरान एक अलग ही विवाद ने माहौल को गरमा दिया। इस दौरान सदन में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और नारेबाजी भी देखने को मिली। कुल मिलाकर यह बैठक विकास योजनाओं के साथ-साथ राजनीतिक टकराव के कारण चर्चा में रही।

श्रद्धांजलि पर विवाद, सदन में नारेबाजी 
बजट पेश होने से पहले महापौर ने श्रद्धांजलि दी। इसके बाद कुछ कांग्रेस पार्षदों रूबीना इकबाल खान और फौजिया शेख ने अमेरिकी हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर को श्रद्धांजलि दी। इस पर भाजपा पार्षदों ने कड़ा विरोध जताया और नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई और सदन का माहौल गरमा गया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। यह मुद्दा पूरे सत्र का सबसे विवादित पहलू बन गया।

बिना नए टैक्स का बजट, विकास पर जोर 
नगर निगम ने इस बार करदाताओं को राहत देते हुए कोई नया टैक्स नहीं लगाया। साथ ही पहले से लागू करों में भी बढ़ोतरी नहीं की गई है। बजट में मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को प्राथमिकता दी गई है। शहर की सड़कों, जल आपूर्ति और मास्टर प्लान से जुड़े कार्यों पर फोकस रहेगा। नर्मदा परियोजना के चौथे चरण को भी गति देने की योजना है। इसके अलावा अमृत-2 योजना के तहत जल प्रबंधन को मजबूत किया जाएगा।

जल परियोजनाओं और सुविधाओं पर निवेश 
बजट में जल आपूर्ति सुधार के लिए बड़ी राशि निर्धारित की गई है। नई पानी की टंकियों का निर्माण और पाइपलाइन विस्तार पर काम होगा। पुरानी पाइपलाइन को बदलने की योजना भी शामिल है। हर वार्ड में पानी की गुणवत्ता जांच के लिए लैब स्थापित करने का प्रस्ताव है। इससे शहरवासियों को बेहतर पेयजल सुविधा मिलने की उम्मीद है। जल परियोजनाओं पर बड़ा धन खर्च किए जाएंगे।

भागीरथपुरा पीड़ित परिवारों के लिए राहत 
भागीरथपुरा हादसे में प्रभावित परिवारों को राहत देने का भी प्रावधान किया गया है। बजट में मृतकों के परिजनों को नौकरी देने की बात कही गई है। यह नियुक्ति पात्रता के आधार पर आउटसोर्स के जरिए होगी। इस निर्णय को सामाजिक संवेदनशीलता के रूप में देखा जा रहा है। पीड़ित परिवारों को इससे कुछ हद तक सहारा मिलने की उम्मीद है।

सदन में हंगामा और माफी का मामला 
बजट सत्र के दौरान एक और विवाद सामने आया। नेता प्रतिपक्ष ने सभापति को संबोधित करते समय आपत्तिजनक शब्द का उपयोग कर दिया। इस पर अन्य पार्षदों ने कड़ी आपत्ति जताई। स्थिति को संभालते हुए उन्होंने तुरंत माफी मांग ली। इसके अलावा विपक्ष ने नगर निगम की रेस्क्यू व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतने बड़े बजट में इस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

बुधवार को होगी चर्चा, फैसलों पर नजर 
नगर निगम बजट पर विस्तृत चर्चा अगले दिन यानी बुधवार को भी जारी रहेगी। आगामी बैठकों में विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से विचार किया जाएगा। शहर के विकास के लिए तय योजनाओं पर अमल की रणनीति बनाई जाएगी। राजनीतिक मतभेदों के बीच विकास कार्यों को आगे बढ़ाना चुनौती होगा। फिलहाल यह बजट विकास और विवाद दोनों कारणों से सुर्खियों में है। 

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