भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए, जिनका असर प्रशासन, कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने पर खास जोर दिया गया। सरकार ने भोपाल में फाइनेंशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (FTRI) स्थापित करने को मंजूरी दी है। यह संस्थान राज्य में बजट विश्लेषण, वित्तीय नीतियों और रिसर्च से जुड़े कार्य करेगा। शुरुआती दौर में इसका संचालन प्रशासन अकादमी के माध्यम से किया जाएगा। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया kf प्रदेश में पहले से चल रहे प्रशिक्षण केंद्रों को मिलाकर इसे एकीकृत रूप दिया जाएगा।
वित्तीय रिसर्च और प्रशिक्षण को मिलेगा बढ़ावा
एफटीआरआई के जरिए सरकारी अधिकारियों को आधुनिक वित्तीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह संस्थान बजट प्रबंधन और आर्थिक योजनाओं के विश्लेषण में मदद करेगा। सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रभाव का अध्ययन भी यहीं से किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी। राज्य की वित्तीय नीतियों को बेहतर बनाने में भी यह संस्थान अहम भूमिका निभाएगा। यह कदम प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में इसे एक प्रमुख रिसर्च सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।
किसानों के लिए बड़ा फैसला, मसूर की 100% खरीदी
कैबिनेट ने किसानों को राहत देने के लिए दलहन खरीदी पर बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने मसूर की पूरी फसल खरीदने का फैसला किया है। वहीं चने की कुल उपज का 25 प्रतिशत खरीदा जाएगा। इसके लिए करीब 3174 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है। बताया गया कि गेहूं की खरीदी 9 अप्रैल से शुरू होगी। इसमें पहले छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उज्जैन एयरपोर्ट के लिए 590 करोड़ स्वीकृत
सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में एयरपोर्ट निर्माण की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार ने भूमि अधिग्रहण के लिए 590 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। यह परियोजना केंद्र सरकार की ‘उड़ान योजना’ के तहत पूरी होगी। एयरपोर्ट बनने से धार्मिक पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को इससे सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। सरकार इसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट मान रही है।
सिंचाई और अन्य योजनाओं को मिली मंजूरी
मंदसौर जिले में कातन सिंचाई परियोजना को भी हरी झंडी दी गई है। इस योजना से 3500 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। करीब 120 गांवों के 1300 से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। इस परियोजना पर लगभग 88 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा विभिन्न विभागों की योजनाओं को जारी रखने की भी मंजूरी दी गई। वाणिज्यिक कर, वन और शिक्षा विभाग की योजनाओं पर हजारों करोड़ खर्च होंगे। इससे विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहेगी।
अंबेडकर जयंती पर प्रदेशभर में होंगे कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने बैठक से पहले डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 8 से 14 अप्रैल तक प्रदेशभर में कार्यक्रम आयोजित होंगे। जिला और विकासखंड स्तर पर आयोजन किए जाएंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम भिंड में आयोजित होगा। सभी प्रभारी मंत्रियों को कार्यक्रमों की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा सीएम ने हाल में मिली केंद्र की परियोजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।










