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Closing Bell: आईटी शेयरों में अच्छी खरीदारी से बाजार में मंगलवार को अच्छी तेजी दर्ज की गई। निफ्टी 23000 के ऊपर बंद हुआ और लगातार चौथे दिन बाजार में तेजी दिखी। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति और वैश्विक हालात पर टिकी बाजार की नजर।

Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को दिन की कमजोर शुरुआत के बाद जोरदार वापसी करते हुए बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया। सुबह के सेशन में गिरावट के बावजूद, दिनभर में आईटी शेयरों में हुई तेज खरीदारी ने बाजार को संभाल लिया। बीएसई सेंसेक्स 509 अंक यानी 0.69% बढ़कर 74616.77 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी-50 163.35 अंक यानी 0.71% की बढ़त के साथ 23131.60 पर पहुंच गया। निफ्टी ने एक बार फिर 23000 के अहम स्तर के ऊपर क्लोजिंग दी, जो निवेशकों के लिए पॉजिटिव संकेत है।

खास बात यह रही कि बाजार लगातार चौथे कारोबारी दिन हरे निशान में बंद हुआ है। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है और बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है।

आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी
इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण आईटी सेक्टर में जोरदार खरीदारी रही। विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजी और एलटीआईमाइंडट्री के शेयरों में 4% तक की तेजी दर्ज की गई। माना जा रहा है कि मार्च तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रह सकते। इसी वजह से निवेशकों ने आईटी शेयरों में जमकर खरीदारी की। हालांकि, दूसरी ओर ब्याज दरों से जुड़े सेक्टरों में दबाव देखने को मिला। 

बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर दबाव में
बैंकिंग, फाइनेंशियल, ऑटो और कंज्यूमर सेक्टर के शेयर 0.7% से 1.5% तक गिर गए। इसकी मुख्य वजह यह मानी जा रही है कि आरबीआई अपनी मौद्रिक नीति में ब्याज दरों को फिलहाल स्थिर रख सकता। इसके अलावा ईरान से जुड़े जियो पॉलिटिकल टेंशन का असर भी निवेशकों की सोच पर पड़ा है।

व्यक्तिगत शेयरों की बात करें तो जुबिलियंट फूडवर्क्स के शेयरों में करीब 8% की गिरावट आई। कंपनी के ताजा बिजनेस अपडेट के बाद मार्च तिमाही के नतीजों को लेकर चिंता बढ़ गई। वहीं मेटल सेक्टर में मजबूती देखने को मिली। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के शेयर 2.8% और वेदांता के शेयर 2.2% चढ़े। यह तेजी तब आई जब जेपी मोर्गन ने एल्यूमीनियम कंपनियों की रेटिंग न्यूट्रल से बढ़ाकर ओवरवेट कर दी और कीमतों में मजबूती की उम्मीद जताई।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट भी बाजार के लिए राहत भरी रही। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 0.71% गिरकर 109 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। इससे महंगाई के दबाव में कुछ नरमी की उम्मीद बनी है।

कुल मिलाकर, आईटी शेयरों की तेजी और मेटल सेक्टर की मजबूती ने बाजार को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। अब निवेशकों की नजर आरबीआई के फैसले और वैश्विक हालात पर बनी हुई है, जो आगे बाजार की दिशा तय करेंगे।

(प्रियंका कुमारी)

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