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पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब में अतिवादी तत्वों की हिंसा का जवाब जनता आने वाले समय में भाजपा को चुनकर देगी। आइए जानते हैं हरियाणा की वर्तमान राजनीति, राज्यसभा चुनाव के नतीजों और पड़ोसी राज्यों की स्थिति पर उन्होंने और क्या कहा।

भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और हरियाणा के पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने मीडिया से मुखातिब होते हुए प्रदेश की वर्तमान राजनीति, राज्यसभा चुनाव के नतीजों और पड़ोसी राज्यों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस की आंतरिक फूट और चुनाव में हुई 'क्रॉस वोटिंग' को लेकर कई बड़े कटाक्ष किए। 

राज्यसभा चुनाव और सतीश नांदल का समर्थन 
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हाल ही में संपन्न हुए चुनावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि प्रदेश में राज्यसभा चुनाव का अपना एक विशिष्ट इतिहास रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि जब भी कोई निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में उतरता है, तो उसे अक्सर विभिन्न दलों के सदस्यों का सहयोग मिलता है। 

इस बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में सतीश नांदल ने चुनाव लड़ा था, जिन्हें भाजपा के अलावा कई निर्दलीय विधायकों और कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने भी अपना समर्थन दिया। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि कांग्रेस विधायकों ने या तो क्रॉस वोटिंग की या अपने वोट जानबूझकर रद्द करवाए। इतिहास गवाह है कि अतीत में भी तीन बार कांग्रेसियों के मत इसी प्रकार खारिज हुए हैं। 

उन्होंने बिना नाम लिए हरियाणा कांग्रेस के आलाकमान पर निशाना साधते हुए कहा कि अब न तो जनता को और न ही उनके अपने विधायकों को कांग्रेस नेतृत्व पर भरोसा रहा है। कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच नेतृत्व को लेकर निरंतर संशय और आंतरिक संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने उन विधायकों का आभार भी जताया जिन्होंने पार्टी लाइन से हटकर निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन किया। 

राजनीतिक गलियारों में "खेला" होने की चर्चाएं आम हैं 
कैप्टन अभिमन्यु ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को आत्मचिंतन की आवश्यकता है क्योंकि राजनीतिक गलियारों में "खेला" होने की चर्चाएं आम हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस बार चुनाव को लेकर काफी गंभीरता दिखाई थी, अपने विधायकों को ट्रेनिंग के लिए हिमाचल प्रदेश भेजा गया और दिग्गज नेताओं को पोलिंग एजेंट नियुक्त किया। 

नियमों के अनुसार केवल संबंधित दल का पोलिंग एजेंट ही अपने विधायक का वोट देख सकता है। कैप्टन अभिमन्यु ने सवाल उठाया कि यदि पोलिंग एजेंट विधायकों की पहचान और उनके मतों की निगरानी करने में विफल रहे, तो स्पष्ट है कि दाल में कुछ काला है। क्या अब किसी को बलि का बकरा बनाकर असलियत छिपाई जा रही है? यह सच प्रदेश के सामने आना चाहिए। 

धनबल के आरोपों पर दोटूक जवाब 
राज्यसभा चुनाव में पैसों के लेन-देन के आरोपों पर पूर्व वित्त मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जो लोग धनबल के प्रयोग का आरोप लगा रहे हैं, उन्हें केवल हवा में बातें करने के बजाय ठोस सबूत पेश करने चाहिए। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को बिना तथ्यों के बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। उनके अनुसार, आरोप लगाने वाले नेताओं का अपना सिस्टम पूरी तरह विफल हो चुका है और अब उनके पास जवाब देने के लिए कुछ शेष नहीं है। 

आरक्षण आंदोलन और घर जलाने की साजिश पर दी प्रतिक्रिया 
आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और उनके आवास को जलाने की साजिश पर आए यशपाल मलिक और सोमवीर जसिया के बयानों पर भी कैप्टन अभिमन्यु ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने इन बयानों को गंभीरता से लेने के बजाय इसे एक दिखावा करार दिया।


उन्होंने कहा कि हरियाणा और अन्य राज्यों के कुछ कथित नेताओं ने आरक्षण की आड़ में एक खेल रचा था, जिसका उद्देश्य समाज के आपसी भाईचारे को नष्ट करना और एक वर्ग को दूसरे के सामने खड़ा करना था। कैप्टन अभिमन्यु ने स्पष्ट किया कि वह ऐसे लोगों के बयानों पर कोई प्रतिक्रिया देकर उन्हें महत्व नहीं देना चाहते जिन्होंने प्रदेश के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची। 

पश्चिम बंगाल और पंजाब में भाजपा की जीत का दावा
आगामी विधानसभा चुनावों पर चर्चा करते हुए कैप्टन अभिमन्यु ने विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल और पंजाब, दोनों ही राज्यों में भारतीय जनता पार्टी पहली बार अपनी सरकार बनाने जा रही है। 
• पश्चिम बंगाल: उन्होंने दावा किया कि बंगाल की जनता ममता सरकार के कुशासन और तुष्टिकरण की नीति से त्रस्त हो चुकी है। टीएमसी की गलत आर्थिक नीतियों के कारण उद्योग पलायन कर रहे हैं, जिससे बेरोजगारी और भुखमरी बढ़ी है। साथ ही, सीमावर्ती इलाकों में बांग्लादेशी घुसपैठ के कारण स्थानीय पहचान पर संकट आ गया है, जिसे लेकर जनता में भारी आक्रोश है। 


• पंजाब: पंजाब के पूर्व प्रभारी एवं सह-प्रभारी के रूप में अपने अनुभव साझा कर उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के 'प्रयोग' से जनता को केवल निराशा हाथ लगी है। अब लोग भाजपा के साथ जुड़कर मुख्यधारा का हिस्सा बनना चाहते हैं। यही वजह है कि पंजाब के बड़े नेता लगातार भाजपा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों की भी सराहना की जो पंजाब में पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा रहे हैं। 

पंजाब में सुरक्षा और अतिवादी तत्व
पंजाब में हाल ही में हुए ग्रेनेड हमलों और बढ़ती अस्थिरता पर चिंता व्यक्त कर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज ही सर्वोपरि होती है। भाजपा के बढ़ते प्रभाव से घबराकर कुछ अतिवादी तत्व शांति भंग करने का प्रयास कर रहे हैं और भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि हताश और निराश हो चुके इन तत्वों को पंजाब की जनता आने वाले चुनाव में मुंहतोड़ जवाब देगी और प्रदेश में अमन-चैन स्थापित होगा। 

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