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अनियंत्रित होकर बस सड़क किनारे लहराने लगी, जिससे बस में सवार 15 बच्चे बुरी तरह चीखने-चिल्लाने लगे। पूछताछ में ड्राइवर ने कैमरे पर कबूला कि वह चंडीगढ़ से शराब पीकर आया है।

हरियाणा के करनाल में एक स्कूल बस ड्राइवर की घोर लापरवाही ने दर्जनों बच्चों की जान जोखिम में डाल दी। नशे में पूरी तरह टल्ली ड्राइवर ने बच्चों से भरी बस को सड़क पर लहराना शुरू कर दिया, जिससे बस में सवार मासूम बुरी तरह सहम गए और जोर-जोर से रोने-चिल्लाने लगे। गनीमत रही कि सही समय पर एक राहगीर ने तत्परता दिखाई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

बस अनियंत्रित होने पर मासूमों में हाहाकार 
घटना मंगलवार सुबह की है, जब करनाल के ग्लोबल स्कूल की बस रोजाना की तरह बच्चों को लेने बजीदा गांव पहुंची थी। बताया जा रहा है कि इस गांव से करीब 30 बच्चे इस स्कूल में पढ़ते हैं, लेकिन उस समय बस में लगभग 12 से 15 बच्चे सवार थे। जैसे ही बस गांव की सीमा पार कर नेवल रोड पर पहुंची, ड्राइवर ने अपना नियंत्रण खोना शुरू कर दिया। शराब के अत्यधिक नशे के कारण ड्राइवर बस को सीधी रेखा में नहीं रख पा रहा था और गाड़ी सड़क के बिल्कुल किनारे खतरनाक ढंग से चलने लगी। 

बस में अचानक लगे झटकों और अनियंत्रित गति को देख बच्चे घबरा गए। मौत को सामने देख मासूमों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। उनकी चीखें सुनकर आसपास का माहौल गमगीन हो गया।

कार सवार युवक ने दिखाई जांबाजी 
उसी समय वहां से अपनी XUV गाड़ी में गुजर रहे एक जागरूक युवक ने जब बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनी और बस को लड़खड़ाते देखा, तो उसे माजरा समझते देर नहीं लगी। युवक ने तुरंत अपनी गाड़ी बस के आगे अड़ाकर उसे रुकवा लिया। 

युवक ने जब ड्राइवर को बस से नीचे उतारा, तो उसके होश उड़ गए। ड्राइवर इस कदर नशे में था कि वह अपने पैरों पर ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। युवक ने बिना समय गंवाए डरे हुए बच्चों को बस से नीचे उतारा और अपनी गाड़ी में बैठा लिया। मानवता का परिचय देते हुए युवक ने खुद सभी बच्चों को सुरक्षित उनके स्कूल तक पहुंचाया।

कैमरे पर कबूला गुनाह 
युवक ने इस पूरी घटना का अपने मोबाइल से वीडियो भी बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि ड्राइवर नशे की हालत में बुरी तरह झूम रहा है। जब युवक ने उससे कड़ाई से पूछताछ की और शराब पीने के बारे में पूछा, तो ड्राइवर ने बेझिझक स्वीकार किया कि वह चंडीगढ़ से शराब पीकर आया है। हैरानी की बात यह रही कि बस में स्कूल स्टाफ की एक महिला कर्मचारी भी मौजूद थी। जब उससे ड्राइवर की हालत के बारे में पूछा गया, तो उसने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उसे इस बारे में कुछ नहीं पता। पूछताछ के दौरान ड्राइवर कुछ देर तो सुन्न खड़ा रहा और फिर अचानक मौका पाकर खाली बस लेकर वहां से फरार हो गया। 

स्कूल प्रबंधन और ड्राइवर पर गिरेगी गाज 
इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) रोहताश वर्मा ने इस घटना को अक्षम्य अपराध बताया है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को तुरंत स्कूल जाकर जांच करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। आरोपी ड्राइवर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। 
DEO ने स्पष्ट किया कि यदि कोई ड्राइवर नशे में गाड़ी चलाता है, तो इसकी प्राथमिक जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की है कि उन्होंने उसे ड्यूटी पर कैसे भेजा।

स्कूल प्रबंधन ने साधी चुप्पी 
इस पूरे घटनाक्रम पर जब स्कूल प्रशासन का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्कूल प्रबंधन ने फोन कॉल का जवाब देना भी उचित नहीं समझा, जो उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

अभिभावकों में भारी रोष 
इस घटना के बाद बच्चों के माता-पिता में भारी गुस्सा और डर का माहौल है। अभिभावकों का कहना है कि वे भारी-भरकम फीस देकर अपने बच्चों को सुरक्षित भविष्य के लिए स्कूल भेजते हैं, लेकिन अगर स्कूल का स्टाफ ही इस तरह की हरकतें करेगा, तो बच्चे सुरक्षित कैसे रहेंगे? उन्होंने मांग की है कि ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्द की जानी चाहिए जो सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हैं। 

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