प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल एक बार फिर अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में हैं। यमुनानगर के तेजली रोड पर आयोजित 'श्री श्याम एवं श्री बालाजी संकीर्तन' के दौरान मित्तल ने मंच से सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर तीखे कटाक्ष किए। उन्होंने पाकिस्तान और घुसपैठियों को घेरते हुए बेटियों को लेकर एक बड़ा बयान दिया, जिससे सियासी और सामाजिक गलियारों में हलचल तेज हो सकती है।
"बुर्के वाली न बनें हमारी बेटियां"
भजन संध्या के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कन्हैया मित्तल ने लड़कियों को अपनी सुरक्षा और पहचान के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "बेटियां दुर्गा बनें या काली बनें, लेकिन कभी बुर्के वाली न बनें।" मित्तल यहीं नहीं रुके, उन्होंने सीधे तौर पर घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठिये भारत में नकली आधार कार्ड बनाकर और हिंदू बनकर घूम रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इन लोगों का मुख्य टारगेट 'हमारी बेटियां' हैं। उन्होंने बेटियों की शक्ति का बखान करते हुए कहा कि आज की बेटियां सिर्फ खाना बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान को जवाब देने की क्षमता रखती हैं।
धर्म परिवर्तन और पितृ दोष पर बड़ा बयान
मजारों पर माथा टेकने और धर्म बदलने को लेकर भी कन्हैया मित्तल ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मंच से कहा कि "हमारे पितृ तब तक नाराज नहीं होते, जब तक हम अपना धर्म नहीं छोड़ते। अगर कोई अपना धर्म छोड़कर मजारों पर माथा टेकता है, तो उसे पितृ दोष लगना निश्चित है, क्योंकि उसने अपना 'बाप' बदल लिया है।"उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक व्यक्ति अपने मूल धर्म के साथ जुड़ा रहता है, उसे पितृ दोष नहीं लग सकता। इस दौरान उन्होंने 'जय हो पितृ देव' के जयकारे भी लगवाए।
सिखों को बताया 'बड़ा भाई', गुरुद्वारे के प्रति जताई श्रद्धा
संकीर्तन के दौरान जब एक सिख श्रद्धालु मंच पर पहुंचे, तो मित्तल ने उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने भाईचारे का संदेश देते हुए कहा कि हिंदू और सिख बड़े भाई-छोटे भाई की तरह हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "मैं मस्जिद और चर्च नहीं जाता, लेकिन गुरुद्वारा देखते ही सिर झुक जाता है, क्योंकि जैसे मंदिर में श्याम बसते हैं, वैसे ही गुरुद्वारे में मेरे रब बसते हैं।"
"मेरे कार्यक्रम में सिर्फ हिंदू नहीं, कट्टर हिंदू आते हैं"
भीड़ के सवाल पर कन्हैया मित्तल ने अपनी बेबाक शैली में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग उनसे पूछते हैं कि उनके कार्यक्रमों में इतनी भीड़ क्यों उमड़ती है? मित्तल ने कहा, "बाकी जगहों पर सिर्फ हिंदू आते हैं, लेकिन मेरे संकीर्तन में कट्टर हिंदू आते हैं।" पूरी रात चले इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े और कन्हैया मित्तल के लोकप्रिय भजनों जैसे 'है मेरे श्याम' पर झूमते नजर आए। श्रद्धा और विवादित बयानों के बीच यह कार्यक्रम शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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