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भोपाल गोमांस मामले में नया मोड़, जमानत के बाद असलम कुरैशी दोबारा गिरफ्तार, पुलिस रासुका लगाने की तैयारी में जुटी।

Bhopal News: मध्यप्रदेश। भोपाल के गोमांस मामले में नया मोड़ आ गया है। बुधवार रात असलम कुरैशी को जेल से रिहा किया गया लेकिन जेल से छूटते ही उसे पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ कार्रवाई धारा 151 के तहत जोन-4 की थाना पुलिस ने की। सूत्रों के अनुसार पुलिस असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा के खिलाफ रासुका पेश करने की तैयारी में है। 

बताया जा रहा है कि, भोपाल सेन्ट्रल जेल से असलम की रिहाई बुधवार रात 10 बजे हुई। इसके कुछ ही देर बाद पुलिस ने दोबारा उसे गिरफ्तार कर लिया। लाल रंग की कार से पहले असलम को बाहर लाया गया इसके बाद गाड़ी सीहोर रोड पर चली गई। देर रात थाने लाकर पुलिस टीम ने उसके खिलाफ कार्रवाई की।

 हिन्दू संगठन से जुड़े भानू सिंह ने असलम कुरैशी की रिहाई पर नाराजगी जताई थी। उनका कहना था कि, पुलिस मामले की जांच ठीक ढंग से नहीं की। गोमांस से भरे कंटेनर को छोड़ दिया गया था और चार्जशीट भी काफी कमजोर थी। इन्हीं खामियों का फायदा उठाकर असलम जमानत पाने में सफल रहा। भानू सिंह ने यह भी कहा था कि, 'उसकी रिहाई करोड़ों हिन्दुओं की भावना को आहत करने वाली है। उसके खिलाफ रासुका लगाकर कार्रवाई नहीं की तो हिन्दू लोग सड़क पर प्रदर्शन करेंगे।'

35 हजार रुपए के बांड पर जमानत
असलम कुरैशी के वकील का कहना था कि, डॉक्टर के परिक्षण के बाद किसी जानवर को स्लॉटर हाउस में लाया जाता है। डॉक्टर जानवर का फिजिकल वेरिफिकेशन भी करता है। मामले में पक्षकार भानू सिंह ने सेशन कोर्ट के फैसले पर आपत्ति जताई। हालांकि सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने 35 हजार रुपए के बांड पर जमानत देने का आदेश दिया था।

निचली अदालत खारिज कर दी थी याचिका
इसके पहले असलम की ओर से उनके वकील ने निचली अदालत में जमानत याचिका दायर की थी। हालांकि निचली अदालत से राहत न मिलने पर वकील ने सेशन कोर्ट में अपील की। बुधवार को मामले की सुनवाई हुई और असलम कुरैशी को जमानत मिल गई थी।

500 पन्नों का चालान कोर्ट में किया था पेश
बता दें कि, जांच के बाद एसआईटी ने 6 मार्च को असलम कुरैशी और उसके ड्राइवर शोएब के खिलाफ 500 पन्नों का चालान कोर्ट में पेश किया था। जय मां भवानी नमक संगठन के प्रमुख भानू सिंह द्वारा असलम कुरैशी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। फैसले से पहले उन्होंने कहा था कि, असलम को जमानत मिलना 100 करोड़ हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा होगा।

क्या था पूरा मामला
दिसम्बर 17, 2025 को हिन्दू संगठनों ने जहांगीराबाद के पास एक कंटेनर पकड़ा था। कंटेनर में 26 टन मांस था जो मुंबई भेजा जा रहा था। आरोप लगाया गया कि, गोवंश की अवैध तस्करी की जा रही है। इसके बाद पुलिस ने जांच के लिए सैंपल मथुरा की एक फॉरेंसिक लैब में भेजे। लैब ने गोवंश होने की पुष्टि की तो पुलिस ने 8 जनवरी को जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में मामला दर्ज किया। इसके बाद असलम और उसके ड्राइवर शोएब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

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