Logo
Stock market closing: भारतीय शेयर बाजार में नवरात्र के पहले दिन कोहराम मच गया। तीन फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स करीब 2500 अंक गिर गया,निफ्टी में भी 800 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।

Stock market closing: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जबरदस्त गिरावट देखने को मिली और 3 दिन की तेजी पर ब्रेक लग गया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही 3% से ज्यादा टूट गए, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 2496.89 अंक गिरकर 74207.24 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 775.65 अंक टूटकर 23002.15 के स्तर पर आ गया।

बाजार में आज हर तरफ बिकवाली का दबाव नजर आया। निफ्टी के सभी 16 सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। खासकर बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में भारी गिरावट आई, जहां करीब 3% तक की कमजोरी रही। एचडीएफसी बैंक में तेज बिकवाली ने बाजार की गिरावट को और बढ़ा दिया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी नहीं बचे- दोनों इंडेक्स करीब 2% तक टूट गए।

अगर मार्केट ब्रेड्थ की बात करें तो हालात काफी खराब रहे। करीब 3000 से ज्यादा शेयरों में गिरावट आई जबकि बढ़ने वाले शेयरों की संख्या 900 से भी कम रही। यह साफ दिखाता है कि गिरावट व्यापक थी।

गिरावट की बड़ी वजहें क्या रहीं?
सबसे बड़ा झटका कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से लगा। ब्रेंट क्रूड 10% से ज्यादा उछलकर 119 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। यह भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए चिंता की बात है। अगर कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहीं, तो इसका असर अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।

कमजोर ग्लोबल संकेत
दूसरी वजह कमजोर ग्लोबल संकेत रहे। एशियाई बाजारों में जापान, दक्षिण कोरिया, चीन और हांगकांग के इंडेक्स लाल निशान में रहे। अमेरिकी बाजार भी एक दिन पहले बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसका असर भारतीय बाजार पर साफ दिखा।

एफआईआई की लगातार बिकवाली
तीसरी बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली रही। एफआईआई ने एक बार फिर 2700 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेच दिए। इससे बाजार में दबाव और बढ़ गया। वहीं, इंडिया VIX यानी डर का इंडेक्स भी 24% उछलकर 23 के पार पहुंच गया। इसका मतलब है कि बाजार में अनिश्चितता और डर काफी बढ़ गया है।

अमेरिकी फेड का रुख भी सख्त
अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सख्त रुख भी बाजार पर भारी पड़ा। फेड ने ब्याज दरें भले नहीं बढ़ाईं, लेकिन महंगाई को लेकर चिंता जताई और संकेत दिया कि जल्द राहत नहीं मिलेगी। इससे उभरते बाजारों में निवेश का आकर्षण कम होता है। इसके अलावा, HDFC बैंक के शेयरों में 9% तक की गिरावट ने बाजार को और नीचे खींच लिया। चेयरमैन के इस्तीफे के बाद निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा।

तकनीकी नजरिए से देखें तो बाजार में थकान के संकेत मिल रहे हैं। अगर निफ्टी 23111 के नीचे जाता है तो गिरावट और बढ़ सकती है, जबकि 23450 के ऊपर टिकना मजबूती का संकेत होगा।

(प्रियंका कुमारी)

7