FII Seller: मार्च के पहले आधे महीने में विदेशी निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार में बड़ा दांव उल्टा खेल दिया। खासतौर पर बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में भारी बिकवाली देखने को मिली है,जिसने बाजार की चाल पर साफ असर डाला।
आंकड़ों के मुताबिक,मार्च के पहले 15 दिनों में एफआईआई ने फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर से करीब 31 हजार करोड़ रुपये निकाल लिए। दिलचस्प बात यह है कि फरवरी में इसी सेक्टर में 8400 करोड़ रुपये की खरीदारी हुई थी। यानी एक महीने में ही रुख पूरी तरह बदल गया।
मिडिल ईस्ट तनाव के कारण एफआईआई भागे
बाजार एक्सपर्ट्स की मानें तो इस भारी बिकवाली के पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे अहम वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है, खासकर ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच हालात ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने रुपये पर दबाव डाला है, जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है।
बॉन्ड यील्ड्स में बढ़ोतरी का भी असर
इसके अलावा, बॉन्ड यील्ड्स में बढ़ोतरी भी एक बड़ा फैक्टर है। इससे बैंकों के ट्रेजरी पोर्टफोलियो पर असर पड़ता है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गया है। वहीं, रिजर्व बैंक की ओर से कैपिटल मार्केट लेंडिंग पर सख्ती ने भी फाइनेंशियल स्टॉक्स में दबाव बढ़ाया है।
सिर्फ फाइनेंशियल सेक्टर ही नहीं, बल्कि दूसरे सेक्टर्स में भी बिकवाली का असर दिखा। ऑटो सेक्टर में 4800 करोड़ रुपये, टेलीकॉम में 3856 करोड़ और कंस्ट्रक्शन में 2975 करोड़ रुपये की निकासी हुई। फरवरी में इन सेक्टर्स में खरीदारी देखने को मिली थी, जिससे साफ है कि बाजार का मूड तेजी से बदला है।
हेल्थकेयर और ऑयल-गैस में भी बिकवाली
ऑयल एंड गैस, हेल्थकेयर, FMCG, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे सेक्टर्स भी बिकवाली की चपेट में रहे। हालांकि, इस गिरावट के बीच कुछ सेक्टर्स ने मजबूती दिखाई। कैपिटल गुड्स में 3897 करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि मेटल और पावर सेक्टर में भी हल्की खरीदारी देखी गई।
कुल मिलाकर, मार्च के पहले आधे हिस्से में एफआईआई ने भारतीय बाजार से 53700 करोड़ रुपये की निकासी की है। इसका सीधा असर बाजार पर पड़ा है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में करीब 8% की गिरावट आई है, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में 10% तक की कमजोरी देखी गई।
ब्रोकरेज फर्म्स ने चेतावनी दी है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो वित्तीय वर्ष 2027 के लिए कंपनियों की कमाई के अनुमान 10-15% तक घट सकते हैं। यानी आने वाले समय में बाजार की राह आसान नहीं दिख रही।
(प्रियंका कुमारी)










