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Advance Tax Tips: एडवांस टैक्स भरने के बाद उसका स्टेटस चेक करना बेहद जरूरी है। चालान में गलती हो तो 7–30 दिनों के भीतर ऑनलाइन सुधार संभव है। ज्यादा टैक्स जमा होने पर ITR में क्लेम कर रिफंड लिया जा सकता है।

Advance Tax Tips: 15 मार्च के साथ एडवांस टैक्स की आखिरी किस्त भरने की डेडलाइन खत्म हो चुकी। जिन टैक्सपेयर्स की कुल टैक्स देनदारी टीडीएस, टीसीएस और अन्य क्रेडिट के बाद 10 हजार रुपये से ज्यादा थी, उनके लिए यह जरूरी था। अब अगला अहम कदम है कि यह जांचना कि आपने जो भुगतान किया है, वह सही तरीके से रिकॉर्ड हुआ है या नहीं। अगर कोई गलती है, तो उसे समय रहते ठीक करना भी उतना ही जरूरी है।

सबसे पहले बात करते हैं कि आप अपना एडवांस टैक्स पेमेंट कैसे चेक करें। इसके लिए आप एनएसडीएल ओल्टस पोर्टल पर जाएं। यहां 'CIN (Challan Identification Number) View' का विकल्प चुनें। इसके बाद आपको बैंक ब्रांच का बीएसआर कोड, जमा करने की तारीख और चालान सीरियल नंबर डालना होगा। डिटेल्स डालते ही आपके सामने पूरा चालान खुल जाएगा, जिसे आप डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं।

इसके अलावा आप इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करके भी जानकारी देख सकते। यहां फॉर्म 26AS और एनुअल इनफॉर्मेशन स्टेटमेंट में आपके सभी टैक्स पेमेंट का पूरा रिकॉर्ड मिलता है। आईटीआर फाइल करने से पहले यहां क्रॉस-चेक करना बहुत जरूरी है, ताकि बाद में कोई दिक्कत न आए।

अगर चालान में गलती दिख जाए- जैसे पैन गलत है, असेसमेंट ईयर गलत है या टैक्स टाइप में गड़बड़ी है, तो उसे ठीक करने का भी तरीका है। ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें और 'Services' में जाकर 'Challan Correction' का ऑप्शन चुनें। सिन डिटेल्स के जरिए सही चालान चुनें और जिस फील्ड में सुधार करना है, उसे अपडेट करें। इसके बाद ओटीपी या अन्य माध्यम से वेरिफिकेशन करना होगा।

ध्यान रखने वाली बात यह है कि ऑनलाइन सुधार की एक तय समय-सीमा होती है, जो आमतौर पर 7 से 30 दिनों के बीच होती है। अगर यह समय निकल गया या ऑनलाइन सुधार संभव नहीं है, तो आपको उस बैंक ब्रांच से संपर्क करना होगा जहां आपने भुगतान किया था।

अगर आपने जरूरत से ज्यादा एडवांस टैक्स जमा कर दिया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह अतिरिक्त रकम आपको आईटीआर फाइल करते समय क्लेम करनी होती है। फॉर्म 26AS और AIS में यह अमाउंट दिखेगा और रिटर्न फाइल व वेरिफाई होने के बाद इनकम टैक्स विभाग इसे रिफंड कर देगा।

एक्सपर्ट्स की सलाह है कि एडवांस टैक्स भरने से पहले अपनी सालाना इनकम का सही अनुमान लगाएं, सभी डिडक्शन जोड़ें और टैक्स क्रेडिट को अच्छे से चेक करें। इससे गलती और अतिरिक्त भुगतान से बचा जा सकता है।

(प्रियंका कुमारी)

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