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इंदौर अग्निकांड में 8 की मौत, लेकिन नई बहू की जान एक दिन की देरी से बच गई। जानिए कैसे खुशी का समारोह मातम में बदला और सामने आए चौंकाने वाले कारण।

इंदौर के एक रिहायशी इलाके में हुआ भीषण अग्निकांड पूरे शहर को झकझोर गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन इसी त्रासदी के बीच एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने सभी को हैरान कर दिया। असल में परिवार की नई बहू की जान महज एक दिन की देरी से बच गई।

दरअसल, परिवार में हाल ही में शादी हुई थी और नई बहू के स्वागत के लिए घर में बड़ा समारोह रखा गया था। इसी कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर थीं। घर में खाना बनाने के लिए कई एलपीजी सिलेंडर जमा किए गए थे और पूरा परिवार खुशी के माहौल में था। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह खुशियां कुछ ही घंटों में मातम में बदल जाएंगी।

बताया जा रहा है कि तड़के करीब 4 बजे घर के बाहर खड़ी एक इलेक्ट्रिक कार को चार्ज किया जा रहा था। इसी दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ और कार में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पास के घर को भी अपनी चपेट में ले लिया। घर के अंदर मौजूद लोग सो रहे थे, जिससे उन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।

स्थिति तब और भयावह हो गई जब घर में रखे एक के बाद एक गैस सिलेंडर फटने लगे। इन धमाकों ने आग को और तेज कर दिया और बचाव कार्य भी बेहद मुश्किल हो गया।

बता दें कि नई बहू के स्वागत की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन वह इस हादसे में शामिल ही नहीं थी। वह शादी के बाद अपने मायके गई हुई थी और उसकी वापसी मंगलवार को तय थी। लेकिन किसी कारणवश उसकी वापसी एक दिन के लिए टल गई और वह बुधवार को आने वाली थी। इसी बीच सुबह यह हादसा हो गया।

अगर वह तय समय पर लौट आती, तो वह भी इस भीषण अग्निकांड की चपेट में आ सकती थी। परिवार के लिए यह एक बड़ा संयोग है, जिसने एक जिंदगी को बचा लिया, लेकिन बाकी खुशियां छीन लीं।

राहत और बचाव कार्य के दौरान यह भी सामने आया कि घर में लगे इलेक्ट्रॉनिक लॉक ने हालात को और खराब कर दिया। बिजली सप्लाई बंद होने के कारण दरवाजे नहीं खुल सके और कई लोग अंदर ही फंस गए। बचाव दल ने दरवाजे तोड़कर अंदर पहुंचने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

यह हादसा कई गंभीर सवाल खड़े करता है- क्या एक ही जगह पर इतने गैस सिलेंडर रखना सुरक्षित है? क्या इलेक्ट्रॉनिक लॉक इमरजेंसी में भरोसेमंद हैं? और क्या आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे?

फिलहाल, इस हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं, लेकिन एक नई जिंदगी को महज किस्मत के भरोसे बचा लिया।

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