India Vix Down: शेयर बाजार में दो दिन की तेजी ने निवेशकों को राहत जरूर दी है,लेकिन क्या सच में खतरा टल गया है? इस सवाल का जवाब अभी साफ नहीं है। वजह है कि भले ही बाजार चढ़ा हो,लेकिन अनिश्चितता अभी खत्म नहीं हुई।
दरअसल,वोलैटिलिटी का पैमाना माना जाने वाला इंडिया विक्स पिछले दो कारोबारी सत्रों में करीब 15% गिर गया। सिर्फ 17 मार्च को ही इसमें 8% से ज्यादा की गिरावट आई। इसी दौरान बाजार में भी अच्छी रिकवरी देखने को मिली और निफ्टी-50 करीब 172 अंकों की बढ़त के साथ 23581 के आसपास बंद हुआ।
मार्केट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि गिरता हुआ विक्स यह संकेत देता है कि बाजार में घबराहट कम हो रही और बिकवाली का दबाव घट सकता लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि खतरा पूरी तरह टल गया।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के एनालिस्ट नागराज शेट्टी के मुताबिक,निफ्टी ने 23550 के आसपास एक अहम रेजिस्टेंस को छुआ। टेक्निकल चार्ट पर 'हाई वेव कैंडल' जैसा पैटर्न बन रहा, जो बताता है कि बाजार के लिए 23600-23700 के स्तर को पार करना आसान नहीं होगा। अगर बाजार यहां टिक नहीं पाया, तो फिर से कमजोरी आ सकती। फिलहाल 23350 के स्तर को मजबूत सपोर्ट माना जा रहा।
एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक डे का कहना है कि निफ्टी ने शॉर्ट टर्म में पॉजिटिव संकेत दिए हैं। इंडेक्स ने 'फॉलिंग चैनल ब्रेकआउट' दिखाया है और 21EMA के ऊपर ट्रेड कर रहा। ऐसे में 23800 से 24000 तक की तेजी संभव है। लेकिन अगर निफ्टी 23400 के नीचे फिसलता है, तो फिर से बिकवाली हावी हो सकती और इंडेक्स 22950 तक जा सकता।
बाजार में 'डबल बॉटम' का पैटर्न बन रहा, जो आगे और तेजी का संकेत देता है। उनके अनुसार 23700 के ऊपर ब्रेकआउट होने पर निफ्टी 23835 तक जा सकता है लेकिन 23300 के नीचे गिरावट आई तो डाउनट्रेंड फिर शुरू हो सकता।
इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण 'वैल्यू बायिंग' है। यानी निवेशकों ने गिरावट के बाद सस्ते शेयरों में खरीदारी की है। ऑटो, मेटल और फाइनेंशियल सेक्टर इस रिकवरी में आगे रहे हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स अभी भी सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। यह कहना जल्दबाजी होगी कि बाजार पूरी तरह संभल गया है। ईरान युद्ध से जुड़ी अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है और यही सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर है।
जहां तक अमेरिकी फेड की बैठक का सवाल है, उससे बाजार को ज्यादा उम्मीद नहीं है। माना जा रहा है कि ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा और इसका बाजार पर खास असर भी नहीं पड़ेगा। कुल मिलाकर, बाजार में फिलहाल राहत जरूर दिख रही है, लेकिन निवेशकों को अभी भी सतर्क रहकर कदम बढ़ाने की जरूरत है।
(प्रियंका कुमारी)










