मध्यप्रदेश। एमपी विधानसभा बजट सत्र (MP Assembly Budget Session) के दूसरे दिन कांग्रेस विधायकों ने भागीरथपुरा जलकांड का मुद्दा उठाया। नेता विपक्ष उमंग सिंघार अपने साथी विधायकों के साथ बोतल में गंदा पानी लेकर विधानसभा गए। इस दौरान कांग्रेस विधयाकों ने जमकर नारेबाजी की। कोंग्रेसियों ने कहा कि, जो सरकार साफ पानी नहीं दे सके वो सरकार निकम्मी है।
निर्लज्जता की पराकाष्ठा
सोशल मीडिया साईट एक्स पर उमंग सिंघार ने लिखा, 'जिस सरकार का फर्ज शासन करना, जनता को स्वच्छ पानी देना, जनहित में निर्णय लेना और प्रदेशवासियों के आंसू पोंछना होना चाहिए, वही सरकार अगर पानी में जहर घोल दे और गैर-जिम्मेदार मंत्रियों पर नकेल न कसे और अपने अभिभाषणों में इसके उलट झूठे दावे व वादे करती रहे, तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसी सरकार, सरकार नहीं, निर्लज्जता की पराकाष्ठा है।'
अभिभाषण में स्वच्छ पानी के दावे
यदि सरकार संबंधित मंत्रियों से इस्तीफा नहीं लेती, तो प्रदेश की जनता लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी और सरकार के ताबूत में आखिरी कील ठोंकने का काम करेगी। उमंग सिंघार ने आगे कहा पूरे प्रदेश में जनता को दूषित व मलयुक्त पानी मिलना बेहद गंभीर चिंता का विषय है। राज्यपाल के अभिभाषण में स्वच्छ पानी के दावे किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। हमने इस मुद्दे पर जनता की आवाज उठाते हुए प्रस्ताव रखा है सरकार बताए कि क्या इस पर गंभीर चर्चा होगी या नहीं। हर नागरिक तक स्वच्छ पेयजल पहुँचना जरूरी है, क्योंकि हर व्यक्ति महंगा (RO) पानी खरीदने में सक्षम नहीं। स्वच्छ पानी जनता का बुनियादी अधिकार है।
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भागीरथपुरा जलकांड
बता दें कि, इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से कई लोग बीमार पड़े थे। 30 से अधिक लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले को लेकर अदालत ने जांच के आदेश दिए थे जबकि कांग्रेस मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से इस्तीफे की मांग कर रही है।










