केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई की दसवीं परीक्षा का पहला पेपर मंगलवार को हुआ। दिल्ली में भी यह परीक्षा शांतिपूर्वक तरीके से संचालित हुई। कहीं से भी बवाल की खबर सामने नहीं आई। गणित का पश्न पत्र आसान था या नहीं, इस पर भी दिल्ली के स्टूडेंट्स की प्रतिक्रिया सामने आ चुकी है।
निजामुद्दीन के दिल्ली पब्लिक स्कूल से जब विद्यार्थी गणित का पेपर देकर परीक्षा केंद्र से बाहर निकले तो उनके चेहरे पर खुशी नजर आई। छात्रा ओमिशा धौंडियाल ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस साल का गणित का पेपर आसान था। गणित के पेपर को लेकर थोड़ी घबराई थी, लेकिन पेपर देखने के बाद आत्मविश्वास आ गया और समय से पहले ही इस पेपर को पूरा कर लिया।
एयर फोर्स बाल भारती स्कूल के छात्र अक्षत कश्यप को भी गणित का पेपर बेहद आसान लगा। उन्होंने कहा कि स्कूल ने जब गणित पेपर लिया तो वो मुश्किल था, लेकिन बोर्ड परीक्षा का गणित का पेपर स्कूल के मुकाबले आसान था। उन्होंने कहा कि अंकों को लेकर थोड़ी चिंता थी, लेकिन जैसे ही लिखना शुरू किया तो लय मिल गई और लगा कि सब ठीक होगा।
VIDEO | CBSE Board Exam 2026: "Paper was easy... Maths (Standard). The paper was comparatively easy than last year's. I was a bit nervous, but when I saw the paper and felt confident and I completed the paper before time, says a student Omisha Dhoundiyal.
— Press Trust of India (@PTI_News) February 17, 2026
Another student Akshat… pic.twitter.com/H1XtieUIMa
इतने विद्यार्थी बैठेंगे सीबीएसई की परीक्षा में
सीबीएसई के मुताबिक, इस साल देशभर से कुल 43,67,870 परीक्षार्थी दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में बैठेंगे। इनमें दसवीं के छात्रों की संख्या 25,08,319 और 12वीं के कुल विद्यार्थियों की संख्या 18,59,551 है। कक्षा 10 में 14,08,546 और 10,99,773 छात्राएं परीक्षा में शामिल होंगी। 12वीं की बात करें तो छात्रों की संख्या 10,27,552 और छात्राओं की संख्या 8,31,999 हैं।
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शिक्षकों को कैसा लगा गणित का पेपर
शिक्षकों को भी सीबीएसई का दसवीं का गणित का पेपर आसान लगा है। शिक्षकों ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस साल का गणित का पेपर सरल था। जो छात्र गणितीय समझ रखते हैं, वे इस पेपर में ज्यादा अंक हासिल कर सकते हैं। मानक परीक्षा के कुछ प्रश्न अवधाराओं के प्रत्यक्ष अनुप्रयोग पर आधारित थे। वहीं बुनियादी परीक्षा में उसी विषय पर प्रश्न पूछकर जटिल व्याख्या मांगी थी। समझाया जाए तो मानक परीक्षा में प्रश्न सूत्र आधारित था, जबकि बुनियादी परीक्षा में आंकड़ों के साथ साथ विस्तृत व्याख्या की आवश्यकता होती है। इसी तरह ज्यामिति में भी कई चरणों वाली तर्क प्रक्रिया के लिए कई प्रश्न पूछे गए, जबकि स्टैंडर्ड पेपर में वे प्रश्न सरल थे। कुल मिलाकर बेसिक प्रश्न पत्र की तुलना में सीबीएसई का दसवीं का गणित का पेपर बेहद सरल रहा है।









