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डीयू कैंपस में एबीवीपी और आईसा के बीच आए दिन बवाल देखने को मिल रहा है। ऐसे में विवि प्रबंधन और दिल्ली पुलिस ने इस बवाल को खूनी संघर्ष से बचाने के लिए अहम कदम उठाए हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शनों के चलते सियासी गढ़ बन चुका है। यहां अखिल भारतीय विद्याथी परिषद (एबीवीपी) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा)  के बीच आए दिन झड़प हो रही थी, जिस कारण पढ़ाई पर भी नेगेटिव असर पड़ रहा था, वहीं खूनी संघर्ष में बदलने की भी आशंका बन रही थी। ऐसे में विवि प्रबंधन और दिल्ली पुलिस ने कड़े कदम उठाए हैं ताकि डीयू में शांति बनी रहे। 

डीयू के प्रॉक्टर कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि कैंपस में सार्वजनिक सभाएं और प्रदर्शन होने से जनजीवन और यातायात प्रभावित होने के साथ ही शांति भंग होने की भी आशंका बनती है। कुछ मौकों पर देखा गया है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। इससे शैक्षणिक माहौल भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रबंधन ने एक महीने के लिए कैंपस में किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। साथ ही चेताया है कि इस नियम का उल्लंघन करने वालों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। 

दिल्ली पुलिस ने भी लिया एक्शन

उधर, दिल्ली पुलिस ने भी डीयू कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। दिल्ली पुलिस ने यहां की शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 143 लागू कर आर्ट्स फैकल्टी के बाहर पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी है। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

अधिकार दिवस के बाद से बवाल

बता दें कि दिल्ली विश्वविद्यालय में गुरुवार को समता कार्यक्रम का आयोजन किया था। आईसा ने आरोप लगाया था कि एबीवीपी ने वक्त पर पानी फेंककर कार्यक्रम को बिगाड़ दिया। इसके विरोध में शुक्रवार को आर्ट फैकल्टी में अधिकार रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान फिर से एबीवीपी और आईसा आपस में भिड़ गए। यही नहीं, महिला पत्रकार रुचि तिवारी पर हमले की वजह से दोनों संगठनों एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे थे। ऐसे में मचते बवाल के बीच विवि प्रबंधन और दिल्ली पुलिस ने एहतियातन एक महीने के लिए डीयू कैंपस में विरोध प्रदर्शन पर रोक लगाकर आर्ट संकाय में पांच या इससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है।  

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