मध्यप्रदेश। इंदौर में गंदे पानी के चलते लोगों की मौत का सिलसिला जारी है। जानकारी के अनुसार मंगलवार को यह आंकड़ा बढ़कर 35 हो गया। दो लोगों की मौत हुई है। इनमें से एक 2 साल की बच्ची है वहीं दूसरा 75 वर्षीय बुजुर्ग। दोनों को उल्टी - दस्त की शिकायत के कारण अस्पताल में भर्ती किया था।
75 वर्षीय बुजुर्ग की पहचान शालिग्राम ठाकुर के रूप में हुई है। वे लकवाग्रस्त थे। करीब एक हफ्ते पहले उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत के चलते निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था। मृतक के परिजनों का कहना है कि, शालिग्राम को सिर्फ लकवा की शिकायत थी इसके अलावा उन्हें कोई और बीमारी नहीं थी।
डायरिया से मौत की पुष्टि नहीं
उल्टी-दस्त ने दो वर्षीय बच्ची की भी जान ले ली। दिसंबर में उसे अस्पताल में भर्ती किया गया था। इलाज के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि, बीमारी के कारण बच्ची काफी कमजोर हो गई थी। उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। दो हफ्ते पहले बच्ची को चाचा नेहरू अस्पताल में भर्ती किया गया था। उसका लीवर खराब हो गया था। बता दें कि, स्वास्थ्य विभाग द्वारा डायरिया से मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
जांच के लिए कमीशन का गठन
इंदौर के भागीरथपुरा मामले में जांच के लिए मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने एक पूर्व हाई कोर्ट जज की अध्यक्षता में एक कमीशन बनाया है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच एक स्वतंत्र, भरोसेमंद अथॉरिटी से होनी चाहिए। कोर्ट ने पैनल को कार्रवाई शुरू होने की तारीख से चार हफ्ते बाद एक अंतरिम रिपोर्ट देने का भी निर्देश दिया।
जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच ने 27 जनवरी, 2026 को कमीशन बनाया। यह कमीशन भागीरथपुरा में खराब पानी पीने से कई लोगों की मौत के मामले में एक साथ दायर कई पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (PIL) पर सुनवाई कर रहा था। हाई कोर्ट ने दिन में सभी पक्षों को सुनने के बाद ऑर्डर सुरक्षित रख लिया और देर रात इसे जारी किया। राज्य सरकार ने मंगलवार (27 जनवरी, 2026) को हाई कोर्ट को बताया कि, इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में 16 लोगों की मौत शायद खराब पीने के पानी से हुई उल्टी और दस्त की एक महीने से फैली बीमारी से जुड़ी थी।
16 मौतें दूषित पानी से जुड़ी
सरकार ने बेंच के सामने भागीरथपुरा में मौजूदा गैस्ट्रोएंटेराइटिस महामारी से हुई 23 मौतों की ऑडिट रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा गया कि इनमें से 16 मौतें दूषित पीने के पानी से हुई उल्टी और दस्त की बीमारी से जुड़ी हो सकती हैं। शहर के सरकारी महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के पांच एक्सपर्ट्स की एक कमिटी द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि भागीरथपुरा में चार लोगों की मौत बीमारी से जुड़ी नहीं थी, जबकि इलाके के तीन अन्य लोगों की मौत के कारण के बारे में कोई नतीजा नहीं निकाला जा सका।











