मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 37 साल पहले पाकिस्तान से भारत आई एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला, सबा मसूद उर्फ नाजिया, ने न केवल अपनी पहचान छिपाई, बल्कि भारतीय तंत्र में सेंधमारी करते हुए दो अलग-अलग नामों से वोटर कार्ड और पासपोर्ट जैसे अहम दस्तावेज भी तैयार करवा लिए।
इस मामले में अब पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े तार होने का भी संदेह जताया जा रहा है, जिससे मामला बेहद संवेदनशील हो गया है।
1988 में निकाह और फर्जीवाड़े की शुरुआत
पुलिस जांच के अनुसार, मेरठ के जली कोठी निवासी बैंड कारोबारी फरहत मसूद ने साल 1988 में पाकिस्तान के लाहौर जाकर सबा मसूद से निकाह किया था।
निकाह के बाद सबा लॉन्ग टर्म वीजा पर भारत आई थी। असली खेल साल 2003 में शुरू हुआ जब उसने भारत में अपनी जड़ें पक्की करने के लिए 'नाजिया' और 'जैनब' जैसे अलग-अलग नामों से दो वोटर आईडी कार्ड बनवा लिए।
बेटी एमन के जन्म का छिपाया गया सच
प्राथमिकी के अनुसार, साल 1993 में सबा वापस पाकिस्तान गई थी, जहाँ उसने बेटी एमन फरहत को जन्म दिया। इसके बाद वह अपनी बेटी को पाकिस्तानी पासपोर्ट पर भारत ले आई और यहाँ उसके भी फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार करवा दिए।
एमन का दाखिला मेरठ कैंट के एक प्रतिष्ठित स्कूल में कराया गया। पुलिस का आरोप है कि पाकिस्तानी मूल की होने के बावजूद एमन अवैध रूप से फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में रह रही है।
ISI कनेक्शन और कानूनी कार्रवाई
देहली गेट थाने में दर्ज शिकायत में सबा के पिता का संबंध पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से होने का संदेह जाहिर किया गया है। सोमवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सबा मसूद को गिरफ्तार कर लिया।
मां और बेटी दोनों पर फर्जी पासपोर्ट, वोटर कार्ड और अन्य पहचान पत्र बनवाने के आरोप में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब उन मददगारों की तलाश कर रही है जिन्होंने तीन दशकों तक इस पाकिस्तानी परिवार को संरक्षण दिया।










