भोपाल। अगले दिनों में में होने वाले असम विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव की तैयारियों के तहत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कई राज्यों के अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इसी क्रम में मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह को असम में चुनावी रणनीति और प्रबंधन से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व दिया गया है। भाजपा नेतृत्व ने राकेश सिंह को असम में चुनावी गतिविधियों के समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें चुनावी रणनीति तैयार करने, संगठन को मजबूत बनाने और कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल बनाने जैसे प्रमुख कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सांगठनिक अनुभव का मिलेगा लाभ
इसके साथ ही राकेश सिंह बूथ स्तर पर प्रबंधन बेहतर बनाने और मतदाताओं तक पार्टी की योजनाओं और नीतियों को पहुंचाने के लिए जनसंपर्क अभियानों की निगरानी भी करेंगे। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि उनके लंबे संगठनात्मक अनुभव का फायदा चुनाव में मिल सकता है। राकेश सिंह इससे पहले मध्यप्रदेश में भाजपा संगठन के शीर्ष पदों पर रह चुके हैं। वे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
राकेश सिंह को असम की गहरी समझ
वरिष्ठ भाजपा नेता संसद में पार्टी के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) की भूमिका भी निभा चुके हैं। राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर उनके अनुभव को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें असम विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। बताया जाता है कि वे चुनाव की तैयारियों को लेकर पहले ही असम का एक दौरा भी कर चुके हैं। उन्हें असम की राजनीति की गहरी समझ है।
प्रचार दल के प्रभारी बनै विनोद गोंटिया
असम चुनाव के लिए भाजपा ने मध्यप्रदेश के अन्य नेताओं को भी जिम्मेदारी सौंपी है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पर्यटन निगम के पूर्व अध्यक्ष विनोद गोंटिया को चुनाव प्रचार दल का प्रभारी बनाया गया है। उनकी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना होगी कि मध्यप्रदेश से असम जाने वाले मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य पार्टी पदाधिकारियों के दौरे और कार्यक्रम सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हों। वे इन सभी नेताओं के प्रवास और चुनावी कार्यक्रमों की योजना तैयार करेंगे।
असम में 126 सीटों पर होगा चुनाव
असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं और भाजपा इस बार पहले से बेहतर प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही है। पार्टी का लक्ष्य 100 से अधिक सीटों पर जीत हासिल करने का है। इसके लिए प्रदेश के कार्यकर्ताओं और नेताओं की चुनावी रणनीति और बूथ प्रबंधन के अनुभव का उपयोग किया जाएगा। भाजपा का मानना है कि मध्यप्रदेश में सफल रहा बूथ प्रबंधन मॉडल असम में भी कारगर साबित हो सकता है।
असम चुनाव की बनाई व्यापक रणनीति
असम विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने व्यापक रणनीति बनाई है, जिसमें अन्य राज्यों के अनुभवी नेताओं की भागीदारी भी शामिल है। राकेश सिंह और विनोद गोंटिया के अलावाआलोक शर्मा, विवेक साहू और दर्शन सिंह चौधरी और पूर्व सांसद केपीएस यादव को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई गई हैं। ये सभी नेता मार्च में असम चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाने वाले हैं। इन नेताओं की भूमिका असम में पार्टी के चुनावी अभियान को मजबूत बनाने में अहम साबित हो सकती है।









