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JMM Jama MLA Sita Murmu Soren Resigns: सीता सोरेन ने देवर और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जेल जाने के 48 दिन बाद इस्तीफा दिया। वह हेमंत सोरेन के भाई दिवंगत दुर्गा सोरेन की पत्नी हैं। सीता की दो बेटियां हैं।

JMM Jama MLA Sita Murmu Soren Resigns: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की जामा विधायक सीता मुर्मू सोरेन ने मंगलवार सुबह पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वह दिल्ली में भाजपा में शामिल हो गईं। उनके लोकसभा चुनाव लड़ने की संभावना है। सीता सोरेन शिबू सोरेन की बड़ी बहू और पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी हैं। तीन बार की विधायक सीता ने पार्टी अध्यक्ष शिबू सोरेन को एक पत्र लिखकर अपने फैसले की जानकारी दी। जिसमें उन्होंने लिखा कि मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ साजिश रची जा रही है। इससे दुखी हूं। मैं अपने प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रही हैं। 

सीता सोरेन की तुलना उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के संरक्षक रहे मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव से की जा रही है। अपर्णा यादव ने 2022 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा जॉइन कर लिया था। 

मुझे जेएमएम में सम्मान नहीं मिला
बीजेपी में शामिल होने के बाद सीता सोरेन ने कहा कि मैंने 14 साल तक जेएमएम पार्टी के लिए काम किया, लेकिन मुझे कभी भी पार्टी से वह सम्मान नहीं मिला, जिसकी मैं हकदार थी। इस वजह से मुझे यह फैसला लेना पड़ा।' पीएम मोदी, जेपी नड्डा जी और अमित शाह जी पर भरोसा रखते हुए मैं आज बीजेपी में शामिल हो गई। हमें झारखंड और अपने आदिवासी भाइयों की जिंदगी को बचाना है। झारखंड में बदलाव की जरूरत है। 

JMM Jama MLA Sita Murmu Soren
सीता सोरेन और उनके ससुर शिबू सोरेन।

पति की मौत के बाद मुझे नजरअंदाज किया गया
सीता सोरेन झामुमो की केंद्रीय महासचिव थीं। उन्होंने पत्र में ससुर शिबू सोरेन को संबोधित करते हुए लिखा, 'आदरणीय बाबा। मेरे पति की मृत्यु के बाद से मुझे और मेरे परिवार को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। हमें पार्टी और परिवार के सदस्यों ने दरकिनार कर दिया है, जो मेरे लिए निराशाजनक है। मुझे उम्मीद थी कि समय के साथ स्थिति बदल जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।' सीता ने अपने पत्र में आगे लिखा, यह देखकर दुख होता है कि पार्टी, जिसे मेरे पति ने एक महान संगठन के रूप में बनाया था, आदर्शों और मूल्यों से भटक गई है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि शिबू अपने सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद परिवार को एकजुट रखने में विफल रहे। मुझे हाल ही में यह भी पता चला कि मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ साजिश रची जा रही थी। इसलिए मुझे झामुमो परिवार छोड़ना होगा। 

झामुमो के महासचिव विनोद कुमार पांडे ने सीता के इस्तीफे की पुष्टि की। विधायक ने पार्टी मुख्यालय को एक ईमेल भेजकर प्राथमिक सदस्यता और महासचिव का पद छोड़ने के अपने फैसले की जानकारी दी है। पार्टी इस्तीफा अध्यक्ष (शिबू सोरेन) को भेजेगी, जो इस मामले पर अंतिम फैसला लेंगे।

दिल्ली में लेंगी भाजपा की सदस्यता
सूत्रों का कहना है कि सीता के दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मुख्यालय में भाजपा में शामिल होने की संभावना है। गौरतलब है कि राज्य मंत्रिमंडल में नजरअंदाज किए जाने के बाद सीता पिछले कुछ वर्षों से हेमंत और पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों के खिलाफ आवाज उठा रही थीं। वह आगामी चुनावों में पार्टी के गढ़ दुमका संसदीय क्षेत्र से अपनी बड़ी बेटी जयश्री सोरेन की उम्मीदवारी के लिए भी मैदान में थीं।

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