विदेश जाने का सपना संजोकर घर से निकले हरियाणा के एक युवक के साथ हुई धोखेबाजी और क्रूरता ने सबको झकझोर कर रख दिया है। करनाल के रहने वाले निखिल को कनाडा भेजने का झांसा देकर जालंधर के एजेंटों ने कजाकिस्तान ले जाकर बंधक बना लिया। हैवानियत की हदें पार करते हुए एजेंटों ने युवक को बंधक बनाकर वीडियो कॉल पर यातनाएं दीं और परिवार से 10 लाख रुपये ऐंठ लिए।
इंस्टाग्राम का विज्ञापन और 22 लाख की डील
पीड़ित युवक के पिता बलकार सिंह ने घरौंडा पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका बेटा निखिल कनाडा जाना चाहता था। इंस्टाग्राम पर 'राय इमिग्रेशन' (जालंधर) का विज्ञापन देखकर उन्होंने संपर्क किया। एजेंट मनप्रीत और जश्न के साथ 22 लाख रुपये में कनाडा भेजने का सौदा तय हुआ। 28 फरवरी को निखिल को दिल्ली एयरपोर्ट बुलाया गया और वहां से उसे मुंबई के रास्ते कजाकिस्तान रवाना कर दिया गया।
यातनाओं का 'लाइव' खौफ
कजाकिस्तान पहुँचते ही निखिल और उसके साथ गए दूसरे युवक हेमराज को सोनू नामक व्यक्ति ने रिसीव किया और उन्हें एक होटल में ले गया। वहाँ पहुँचते ही असल खेल शुरू हुआ हो गया:
- क्रूरता का वीडियो:एजेंटों ने दोनों युवकों के हाथ-पैर और मुँह टेप से बांध दिए।
- ब्लेड से वार: वीडियो कॉल के जरिए परिवार को दिखाया गया कि कैसे युवक की पीठ पर ब्लेड से गहरे जख्म किए जा रहे हैं।
- फिरौती की मांग: आरोपियों ने युवक को जान से मारने की धमकी देकर परिवार से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी। अपने इकलौते बेटे की जान बचाने के लिए परिवार ने कर्ज लेकर एजेंटों को 10 लाख रुपये तुरंत भेज दिए।
दबोचे गए दो आरोपी
जब 2 मार्च को फिरौती की बाकी रकम लेने के लिए दो आरोपी युवक के गाँव सदरपुर पहुँचे, तो ग्रामीणों और परिजनों ने उन्हें धर दबोचा और पुलिस के हवाले कर दिया। हालाँकि, मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं।
घरौंडा पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने पिता की शिकायत पर मनप्रीत, जश्न, परमिंदर कौर और सोनू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित परिवार से सभी दस्तावेज जुटा लिए गए हैं और युवक को सुरक्षित वापस लाने के लिए उच्चाधिकारियों और विदेश मंत्रालय से संपर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
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