हरियाणा के सोनीपत जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक रिटायर्ड पुलिस सब-इंस्पेक्टर के परिवार को कथित तौर पर जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। आरोप है कि पूर्व ACP के खिलाफ दर्ज शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसी बीच परिवार के बेटे को सरेआम अगवा करने की कोशिश ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
पूर्व एसीपी शिकायत वापस लेने का बना रहे दबाव
वेस्ट रामनगर की निवासी उषा रानी ने पुलिस प्रशासन को दी अपनी शिकायत में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उषा रानी के पति राजेंद्र सिंह हरियाणा पुलिस से सब-इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। महिला का आरोप है कि उन्होंने और उनके पति ने पूर्व एसीपी नरसिंह के विरुद्ध चंडीगढ़ स्थित 'स्टेट पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी' में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई हुई है। इसी कानूनी कार्रवाई से बौखलाकर आरोपी पक्ष लगातार उन पर समझौता करने और शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहा है।
प्रॉपर्टी ऑफिस में घुसकर अपहरण का प्रयास
शिकायत के अनुसार यह खौफनाक मंजर 14 नवंबर 2025 को देखने को मिला। उषा रानी का बेटा राकेश, जिसे 'धोला पहलवान' के नाम से भी जाना जाता है, बहालगढ़ स्थित 'अमन एसोसिएशन प्रॉपर्टी ऑफिस' में बैठा था। आरोप है कि तभी सचिन डिघल अपने कुछ अज्ञात साथियों के साथ वहां आ धमका।
दफ्तर में घुसते ही हमलावरों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी बीच एक व्यक्ति ने राकेश को दबोच लिया और उसे घसीटते हुए दफ्तर से बाहर ले जाने लगा। हमलावर उसे जबरन अपनी गाड़ी में डालने का प्रयास कर रहे थे। गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद लोगों ने हिम्मत दिखाई और बीच-बचाव कर राकेश को बदमाशों के चंगुल से छुड़ा लिया।
बदमाशों ने दी खुली चुनौती
अपहरण की कोशिश में नाकाम रहने के बाद बदमाशों ने जाते-जाते पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित पक्ष का दावा है कि आरोपियों ने ललकारते हुए कहा कि यदि एसीपी के खिलाफ दी गई शिकायत 10 दिन के भीतर वापस नहीं ली गई, तो सबको खत्म कर दिया जाएगा और लाशों का भी पता नहीं चलने दिया जाएगा। इस धमकी के बाद से पीड़ित परिवार दहशत के साये में जीने को मजबूर है।
फोन कॉल्स और धमकियों का सिलसिला
उषा रानी ने पुलिस को बताया कि यह केवल एक दिन की घटना नहीं है, 25 अक्टूबर से लेकर 14 नवंबर 2025 के बीच उन्हें अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लगातार धमकियां मिल रही हैं। इन कॉल्स में सचिन, प्रशांत और जोनी जैसे नाम सामने आए हैं। राहत की बात यह है कि पीड़ित परिवार ने इन डराने-धमकाने वाली कॉल्स की रिकॉर्डिंग संभाल कर रखी है, जिसे पुलिस को साक्ष्य के तौर पर सौंपा गया है।
विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए और पुलिस उपायुक्त कार्यालय से मिली जांच रिपोर्ट के बाद बहालगढ़ थाना पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं 140(3), 62, 351(3) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे मामले के हर पहलू की सूक्ष्मता से जांच कर रहे हैं।
आरोपियों की धरपकड़ के लिए दी जा रही दबिश
पीड़ित परिवार ने पुलिस महानिदेशक और स्थानीय प्रशासन से अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि रसूखदार आरोपियों के खिलाफ बिना किसी दबाव के सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल, पुलिस की टीमें आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और जांच अधिकारी मौके से साक्ष्य जुटाने में लगे हैं।










