CM Rekha Gupta: दिल्ली सरकार ने महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 'सहेली स्मार्ट पिंक कार्ड' की शुरुआत की है। इस कार्ड के जरिए दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और क्लस्टर बसों में महिलाओं को पूरी तरह निशुल्क यात्रा मिलेगी। 12 वर्ष से अधिक उम्र की दिल्ली की रहने वाली महिलाएं और ट्रांसजेंडर व्यक्ति इस योजना का लाभ ले सकेंगे। पुरानी पिंक पेपर टिकट की जगह अब यह स्मार्ट कार्ड आएगा, जो नाम और फोटो वाला होगा। कार्ड बनाने के लिए आधार और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करना होगा। यह कार्ड मेट्रो और आरआरटीएस में भी पैसे देकर इस्तेमाल किया जा सकेगा।
सोशल मीडिया पर इस कार्ड को लेकर कई अफवाहें फैलाई जा रही थीं। कुछ लोग कह रहे थे कि एक बस से उतरकर दूसरी बस में चढ़ने पर अलग से शुल्क देना पड़ेगा या यात्रा की संख्या सीमित है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद एक वीडियो जारी करके इन अफवाहों को गलत बताया। उन्होंने साफ कहा कि महिलाएं चाहे पांच मिनट की यात्रा करें या दस मिनट की, फिर किसी दूसरी या तीसरी बस में चढ़ें, उनकी पूरी यात्रा फ्री रहेगी। कितनी भी बार बस बदलें या सफर करें, कोई शुल्क नहीं लगेगा। सीएम ने कहा कि कुछ राजनीतिक लोग जानबूझकर गलत जानकारी फैला रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि यात्रा पूरी तरह निशुल्क और असीमित है।
रेखा गुप्ता ने बताया कि डीटीसी की बसों में रोजाना करीब 45 लाख ट्रिप होती हैं, जिनमें से लगभग 20 लाख ट्रिप महिलाएं करती हैं। पिंक कार्ड से सरकार के पास सही हिसाब-किताब रहेगा और बिना किसी भ्रष्टाचार के पूरा खर्च दिल्ली सरकार वहन करेगी। हर टैप के साथ ट्रिप रिकॉर्ड होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। यह योजना महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन में असुविधा और खर्च की चिंता से मुक्ति दिलाने के लिए शुरू की गई है। इससे महिलाओं की सुरक्षित और सुलभ यात्रा सुनिश्चित होगी।
सीएम रेखा गुप्ता ने महिलाओं से अपील की कि वे जल्दबाजी न करें। अभी तीन महीने तक पुरानी पिंक टिकट से भी फ्री यात्रा जारी रहेगी। सहेली स्मार्ट पिंक कार्ड 50 से ज्यादा केंद्रों पर बन रहा है और इसे आराम से बनवाया जा सकता है। कार्ड पूरी तरह फ्री है। सरकार का लक्ष्य है कि पुरानी व्यवस्था में हो रहे दुरुपयोग को रोका जाए और डिजिटल तरीके से बेहतर सुविधा दी जाए। सीएम के मुताबिक, महिलाएं इस कार्ड से दिल्ली की बसों में बिना किसी टेंशन के कहीं भी, कितनी भी बार सफर कर सकेंगी।








