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दिल्ली जल बोर्ड मुख्यालय झंडेवालान में समर एक्शन प्लान 2026-27 पेश किया गया। दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने इस प्लान से जुड़ी अहम बातों पर प्रकाश डाला।

दिल्ली में गर्मी के दस्तक देते ही पेयजल संकट को लेकर लोगों में हाहाकार मच जाता है। दिल्ली में बीजेपी की सरकार आने के बाद पेयजल सप्लाई को दुरुस्त करने की दिशा में भी अहम कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे में कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति में खासा सुधार हुआ है। वहीं, समर एक्शन प्लान में कई ऐसे उद्देश्यों को जोड़ा है ताकि पानी की आपूर्ति बढ़ाने के साथ ही पूरे सिस्टम को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सके। 

दिल्ली जल बोर्ड मुख्यालय झंडेवालान में समर एक्शन प्लान 2026-27 पेश किया गया। दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने इस योजना को पेश करते हुए कहा कि यमुना को स्वच्छ करना और लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य है। सरकार इस जिम्मेदारी को निभा रही है, लेकिन आम लोगों की भी भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर निगरानी और जवाबदेही को पहले से पारदर्शी और मजबूत किया जाएगा। 

रोजाना 1002 मिलियन गैलन जलापूर्ति का लक्ष्य

दिल्ली सरकार ने गर्मी के मौसम को देखते हुए रोजाना करीब 1002 मिलियन गैलन (MGD) पानी की आपूर्ति का लक्ष्य तय किया है। राजधानी के प्रमुख वाटर ट्रीटमेंट प्लांट जैसे चंद्रावल, वजीराबाद, हैदरपुर, नांगलोई, ओखला, द्वारका, बवाना और सोनिया विहार स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को पूरी क्षमता से संचालित करने की तैयारी की जा रही है। योजना है कि कच्चे पानी पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। विशेषकर अमोनिया के स्तर को नियंत्रित करने पर जोर रहेगा ताकि जलापूर्ति बाधित न हो। 

बढ़ाई जा रही ट्यूबवेलों की संख्या 

दिल्ली के जिन इलाकों में पानी की कमी है, वहां पर ट्यूबवेलों की संख्या बढ़ाई जाएगी। वर्तमान में 5,854 ट्यूबवेल हैं, जिन्हें बढ़ाकर 6,290 करने की योजना है। वहीं, भूमिगत जलाशयों की सफाई, बूस्टर पंपिंग स्टेशनों का रखरखाव और पाइपलाइन में लीकेज की पहचान का अभियान भी तेजी से चल रहा है ताकि पानी की बर्बादी को रोका जा सके। 

लास्ट माइल कनेक्टिविटी पर फोकस

सरकार ने 1799  अनाधिकृत कालोनियों में से 1646 कॉलोनियों तक पाइपलाइन पहुंचा दी है। शेष क्षेत्रों में भी चरणबद्ध तरीके से काम पूरा किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि पेयजल को लेकर लास्ट माइल कनेक्टिविटी का लक्ष्य हासिल किया जा सके ताकि लोगों को पेयजल टैंकरों पर आश्रित न होना पड़े और स्थायी जल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। 

दिल्ली सरकार ने जो समर एक्शन प्लान तैयार किया है, उसमें जल संकट और यमुना प्रदूषण से निपटने के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में सार्थक कदम उठाए हैं, लेकिन यह योजना जमीनी हकीकत पर कितनी कारगर होती है, यह तभी संभव जब गर्मी अपने चरम पर होगी। 

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