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गोवंश काटने की सूचना पर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। जुम्मे की नमाज के बाद भड़के इस विवाद में जमकर लाठी-डंडे चले और छतों से पथराव किया गया।

हरियाणा के नूंह जिले में एक बार फिर सांप्रदायिक संवेदनशीलता और आपसी विवाद के चलते हिंसा भड़क उठी। पिनगवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव लाहबास में गौमांस की कथित सूचना को लेकर दो गुट आमने-सामने आ गए। शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद शुरू हुई यह तकरार देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। इस दौरान जमकर पत्थरबाजी हुई और लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर हमला किया गया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। 

गौमांस की सूचना पर हुआ हमला
घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब गांव के ही निवासी खालिद को यह जानकारी मिली कि कुछ लोग अवैध रूप से गौवंश काट रहे हैं। खालिद का आरोप है कि जब वह अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और आरोपियों को रोकने की कोशिश की, तो दूसरे पक्ष ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। 
शिकायतकर्ता के अनुसार विरोध करने पर आरोपियों ने उन पर धारदार हथियार (चाकू) फेंका जो उनके पैर में जा लगा। यही नहीं, हमलावरों ने लाठियों से प्रहार कर खालिद की उंगली भी तोड़ दी। बीच-बचाव करने आए परिवार के अन्य सदस्यों को भी इस हमले में चोटें आई हैं। 

छतों से पत्थरबाजी और ग्रामीणों में दहशत 
विवाद ने उस वक्त रौद्र रूप ले लिया जब दोनों पक्षों के समर्थक लामबंद हो गए। गांव की गलियां युद्ध का मैदान बन गईं और छतों से भारी पथराव शुरू हो गया। अचानक हुई इस पत्थरबाजी से पूरे लाहबास गांव में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए महिलाओं और बच्चों को घंटों घरों के अंदर कैद रहना पड़ा। बाजार बंद हो गए और लोग गलियों में निकलने से कतराने लगे। सूचना मिलते ही पिनगवां पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति को संभाला। 

पुलिस ने गांव पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया  
पिनगवां थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस बल ने गांव में पहुंचकर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया है। पुलिस के मुताबिक इस आपसी संघर्ष में कुछ लोग घायल जरूर हुए हैं, लेकिन किसी की स्थिति अत्यंत गंभीर नहीं है। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि दोबारा हिंसा न भड़के। पुलिस अब उन लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने छतों से पत्थर बरसाए और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। 

कठोर कार्रवाई की मांग
पीड़ित पक्ष का दावा है कि आरोपियों ने गौवंश के अवशेषों को गांव के ही एक पोखर (तालाब) में ठिकाने लगाने की कोशिश की है। खालिद ने जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और पोखर से साक्ष्य जुटाए जाएं। उन्होंने पुलिस पर देरी से कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए कहा कि रात को ही शिकायत दर्ज करा दी गई थी, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि गौतस्करी और अवैध कटान में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में गांव की शांति भंग न हो।  

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