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हरियाणा में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग  ने आज, 31 मार्च को प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश की संभावना जताई है।

सोमवार को हुई बूंदाबांदी के बाद राज्य के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे रातें थोड़ी ठंडी हुई हैं। हालांकि, यह बदलाव किसानों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार, आज हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। विशेषकर उत्तरी हरियाणा के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं, जबकि बाकी हिस्सों में छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है।1 और 2 अप्रैल को मौसम पूरी तरह साफ रहने का अनुमान है। जबकि 3 अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम बदल सकता है। नूंह में अधिकतम तापमान-35.3°C (राज्य में सबसे अधिक),नारनौल/भिवानी में अधिकतम तापमान-33-34°C और न्यूनतम तापमान-18°C,अन्य जिले में अधिकतम तापमान-32-34°C जबकि न्यूनतम तापमान-सामान्य के करीब है।

किसानों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
बढ़ती नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने अलर्ट जारी किया है:

  • पीला रतुआ: गेहूं की फसल में पीले रतुए की निगरानी करें। लक्षण दिखने पर ही विशेषज्ञ की सलाह से कीटनाशक डालें।
  • सिंचाई और छिड़काव: बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए अभी फसलों में पानी न लगाएं और स्प्रे करने से बचें।
  • कीट प्रबंधन: सरसों और अन्य फसलों में कीटों के हमले की संभावना बढ़ गई है, इसलिए खेतों का नियमित निरीक्षण करें।
  • पशुधन: पशुपालक अपने पशुओं को खुले में बांधने के बजाय सुरक्षित और छायादार स्थान पर रखें।

फिलहाल हरियाणा में लू जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन बदलते मौसम के कारण स्वास्थ्य और कृषि दोनों पर असर पड़ सकता है। 31 मार्च की बारिश के बाद दो दिन राहत मिलेगी, जिसके बाद अप्रैल की शुरुआत के साथ ही पारा चढ़ने लगेगा।

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