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कटनी में ट्रैफिक पाठशाला और वर्चुअल ड्राइविंग सिम्युलेटर शुरू। अब बिना सड़क पर उतरे सुरक्षित ड्राइविंग खी जा सकेगी, लाइसेंस प्रक्रिया भी होगी आसान। इस पहल से दुर्घटनाओं पर भी लगेगा अंकुश। अधिक जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।

कटनी। जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर एक नई और सराहनीय पहल शुरू की गई है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने यातायात थाने में ‘ट्रैफिक पाठशाला’ और ‘वर्चुअल ड्राइविंग सिम्युलेटर रूम’ की शुरुआत की है। यह पहल आधुनिक तकनीक के जरिए लोगों, खासकर युवाओं और विद्यार्थियों को सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक करने का प्रयास है। इससे बिना जोखिम के ड्राइविंग की समझ विकसित की जा सकेगी। इससे हादसों की संख्या घटेगी और ड्राइवर बेहतर तरीके से प्रशिक्षित होंगे।

सीखने के लिए सड़क जरूरी नहीं
इस व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि अब वाहन चलाना सीखने के लिए सड़क पर जाने की जरूरत नहीं होगी। वर्चुअल ड्राइविंग सिम्युलेटर के माध्यम से कंप्यूटर स्क्रीन, स्टीयरिंग, ब्रेक और एक्सीलेटर जैसी सुविधाओं के जरिए असली ड्राइविंग जैसा अनुभव दिया जाता है।
इससे नए चालक सुरक्षित माहौल में अभ्यास कर सकते हैं और गलतियों से सीख सकते हैं, बिना किसी दुर्घटना के डर के।

युवाओं को ट्रैफिक नियमों की शिक्षा
ट्रैफिक पाठशाला के जरिए छात्रों और युवाओं को सड़क सुरक्षा से जुड़े जरूरी नियम सिखाए जाएंगे। इसमें ट्रैफिक सिग्नल, सड़क संकेत, हेलमेट और सीट बेल्ट का महत्व, और जिम्मेदारी से वाहन चलाने के तरीके शामिल हैं। इस तरह की शिक्षा से कम उम्र में ही अनुशासन और जागरूकता विकसित होगी, जिससे भविष्य में सड़क हादसों को कम करने में मदद मिल सकती है।

लाइसेंस प्रक्रिया भी होगी आसान  
इस केंद्र में ‘सारथी पोर्टल’ के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी ऑनलाइन प्रक्रियाओं की जानकारी भी दी जा रही है। लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन कैसे करना है, आधार वेरिफिकेशन की प्रक्रिया क्या है और ऑनलाइन टेस्ट कैसे दिया जाता है-इन सभी पहलुओं को सरल भाषा में समझाया जा रहा है। इससे लोगों को दलालों से बचने और खुद ही लाइसेंस बनवाने में सुविधा मिलेगी।

जनसहयोग से लगाया सिम्युलेटर
यह पहल इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि मध्यप्रदेश में पहली बार किसी यातायात थाने में जनसहयोग से इस तरह का आधुनिक सिम्युलेटर स्थापित किया गया है। यह पुलिस और समाज के संयुक्त प्रयास का उदाहरण है, जो सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है। यह पहल तकनीक के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक प्रभावी तरीका है।  

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